असम में कांटे की टक्कर, यूपीए गठबंधन एनडीए के करीब, हालांकि बीजेपी को बढ़त : सर्वे

असम में कांटे की टक्कर, यूपीए गठबंधन एनडीए के करीब, हालांकि बीजेपी को बढ़त : सर्वे

असम चुनाव में भाजपा और कांगेस के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है। यूपीए गठबंधन सत्तारूढ़ एनडीए के करीब पहुंचता दिख रहा है।

असम चुनाव में भाजपा और कांगेस के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है। यूपीए गठबंधन सत्तारूढ़ एनडीए के करीब पहुंचता दिख रहा है।

टाइम्स नाउ /एबीपी न्यूज-सी वोटर एग्जिट पोल के अनुसार, बहुमत हासिल करने में एनडीए को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि कांग्रेस उसके ठीक नजदीक पहुंचती हुई दिखती है।

एग्जिट पोल के अनुसार कांग्रेस के नेतृत्व में 10 पार्टियों के महाजोत को 48.8 प्रतिशत और एनडीए को 42.9 प्रतिशत और अन्य को 8.3 प्रतिशत वोट मिलने के आसार हैं।

यूपीए के फेवर में 17.8 प्रतिशत वोट स्विंग है, जबकि एनडीए के पक्ष में 1.4 प्रतिशत स्विंग वोट हैं। साल 2016 में यूपीए को 31 प्रतिशत वोट मिले और एनडीए के पक्ष में 41.5 प्रतिशत वोट मिले जबकि अन्य को 27.5 प्रतिशत वोट मिले थे।

अगर ये ट्रेन्ड सीटों में बदल जाता है तो एनडीए के पास 65 सीटें और यूपीए को 59 सीटें हासिल हो सकती हैं। यूपीए को 53 से 66 संभावित सीटें जबकि एनडीए को 58 से 71 सीटें मिलने के आसार हैं। यूपीए को लोअर असम में 33 सीटें और बराक वैली में 12 और 9 सीटें मिलने के आसार हैं। यूपीए को लोअर असम में 22 सीटें मिलने के आसार हैं जबकि वैली में उसे एक सीट का नुकसान होने के आसार हैं।

एनडीए को 21 सीटों का नुकसान होने के आसार हैं। इनमें सबसे ज्यादा लोअर असम और बराक वैली में 7 सीटों का नुकसान होगा।

बोडो लैंड और चाय बागान इलाके में एनडीए को काफी फायदा होने के आसार हैं। सर्वे के मुताबिक एनडीए को बोडो लैंड में 10 सीटें और चाय बागान इलाके में 29 सीटें मिलने के आसार है। ये नतीजे साल 2016 के चुनाव के प्रदर्शन को दोहराने जैसा होगा।

सर्वे के मुताबिक राहुल गांधी के चाय बागान इलाके में आक्रामक होने के बावजूद यूपीए के नेतृत्व वाले महाजोत को लाभ नहीं मिलेगा, बल्कि वह अपने पिछले प्रदर्शन को दोहराएगा। निचले असम इलाके में यूपीए में अधिकतम 23 सीटें और एनडीए को 11 सीटें मिलेंगी।

126 सदस्यीय असम विधानसभा में एक त्रिशंकु विधानसभा के आसार हैं जिसमें निर्दलीय और अन्य विधायक निर्णायक साबित हो सकते हैं।

इस चुनावी समर में कांग्रेस ने यूपीए का नेतृत्व किया और एनडीए ने राज्य में विकास का वादा किया। कांग्रेस ने सीएए का विरोध करते हुए राज्य में पांच गारंटी का वादा किया था और एनडीए ने अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर चुनावी लड़ाई लड़ी थी।

असम में तीन चरणों में मतदान हुआ और दो मई को मतगणना होनी है।

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