Farmers Protest: 'फतेह मार्च' निकालकर घरों की ओर लौटे किसान, राकेश टिकैत ने किया नेतृत्व

वन संपन्न होने के बाद किसानों ने अपने सामान तैयार किए और एक-दूसरे से मिलकर विदा हो गए। फतेह मार्च निकालने से पहले किसानों ने देशभक्ति गीतों पर भी डांस किया। यहां हर किसी के मन में खुशी और गम दोनों के भाव दिखाई दिए।
Farmers Protest: 'फतेह मार्च' निकालकर घरों की ओर लौटे किसान, राकेश टिकैत ने किया नेतृत्व

गाजियाबाद के यूपी गेट पर आंदोलनकारी किसानों ने आज सुबह हवन और पूजा पाठ कर अपने घर वापसी की तैयारी शुरू कर दी। किसानों ने यूपी गेट से फतेह मार्च निकालने से पहले हवन में आहुति दी जिस दौरान किसान नेता गौरव टिकैत, मीडिया प्रभारी शमशेर राणा होशियार सिंह और अन्य किसान मौजूद रहे। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे जिन्होंने किसानों फतेह मार्च का नेतृत्व किया और मुजफ्फरनगर के लिए रवाना हो गए।

हवन संपन्न होने के बाद किसानों ने अपने सामान तैयार किए और एक-दूसरे से मिलकर विदा हो गए। फतेह मार्च निकालने से पहले किसानों ने देशभक्ति गीतों पर भी डांस किया। यहां हर किसी के मन में खुशी और गम दोनों के भाव दिखाई दिए। एक साल तक यहां रहकर लोगों को एक लगाव सा हो गया था जिसके चलते जाते वक्त कई लोग रोते भी दिखे। 

मुजफ्फरनगर तक निकलेगा फतेह मार्च

तय कार्यक्रम के अनुसार यूपी गेट से किसान गाड़ी और ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ मुजफ्फरनगर किसान भवन सिसौली तक फतेह मार्च निकाला गया है जो गाजियाबाद से रवाना हो चुका है। किसानों के जाने के बाद पुलिस ने यहां सफाई अभियान शुरू कर दिया है जिसके बाद यह रोड सुचारु रूप से चालू हो जाएगी। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने सोशल मीडिया पर किसानों से यूपी गेट पर पहुंचने का आह्वान मंगलवार को ही किया था। वहीं, यूपी गेट आंदोलन स्थल से मंगलवार को ही भाकियू के भी अधिकांश तंबू व टेंट हट गए हैं। 

आज खाली हो जाएगा गाजीपुर बॉर्डर

प्रदेश अध्यक्ष राजबीर सिंह जादौन ने बताया कि 15 दिसंबर तक यूपी गेट, दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे, एनएच-9 की सड़कें पूरी तरह से खाली हो गई हैं। अधिकांश किसान यहां से घर लौट चुके हैं। कई किसान जाते समय काफी भावुक हुए तो कुछ जाने को तैयार नहीं थे। आज 100-150 से ज्यादा किसान आंदोलन स्थल पर थे जो फतेह मार्च के साथ अपने घरों की ओर लौट गए।

किसानों में खुशी है कि सरकार ने तीन कृषि कानूनों को वापस ले लिया। मगर कुछ दिनों बाद ही अन्नदाता एक जनवरी से सरकार से अपनी आय दो गुना होने के बारे में सवाल पूछेगा, क्योंकि सरकार ने पूर्व में भरोसा दिया था कि वर्ष 2022 से किसानों की आय दोगुना हो जाएगी।  

यह होगा रूट

मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि फतेह मार्च में गाजियाबाद, हापुड़, मोदीनगर मुरादनगर, मेरठ, खतौली और अन्य जगहों के किसान शामिल होंगे। इसके लिए यूपी गेट से निकलने के बाद यह मार्च सबसे पहले मोदीनगर में कुछ देर रुकेगा। इसके बाद मेरठ पहुंचेगा। यहां किसान नेता राकेश टिकैत और अन्नदाता आराम करने के बाद खतौली के लिए रवाना होंगे। वहां से मंसूरपुर होते हुए सौरम चौपाल में मार्च पहुंचेगा। वहां भाकियू प्रवक्ता का जोरदार स्वागत और सम्मान होगा। 

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री की गिरफ्तारी की मांग

मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय टेनी की गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन का सबसे भयावह और दुखद पहलू तब था, जब लखीमपुर खीरी में प्रदर्शन कर रहे किसानों को गाड़ी से कुचल दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना पूरी तरह से सुनियोजित थी। इसमें केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय टेनी पर संयुक्त किसान मोर्चा ने लगातार आरोप लगाया था कि वह घटना में शामिल रहे थे। मोर्चा ने टेनी की गिरफ्तारी की मांग की थी। संबंधित थाने में किसानों ने रिपोर्ट दर्ज करने के लिए शिकायत दी थी। उन्होंने सवाल किया कि घटना के आरोपी के साथ सरकार कैसे खड़ी हो सकती है। लिहाजा सरकार को आरोपी अजय टेनी के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। 

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