बॉर्डर पर बैठे किसानों ने आज से शुरू की क्रमिक भूख हड़ताल, हर रोज अब 11 किसान बैठेंगे भूख हड़ताल पर

बॉर्डर पर बैठे किसानों ने आज से शुरू की क्रमिक भूख हड़ताल, हर रोज अब 11 किसान बैठेंगे भूख हड़ताल पर

सिंघु बॉर्डर और गाजीपुर बॉर्डर पर 11 किसान 24 घंटे भूख हड़ताल पर बैठ चुके हैं। वहीं हर रोज अब 11 किसान भूख हड़ताल पर बैठेंगे। गाजीपुर बॉर्डर पर मिंटू बाजवा सुबह 8 बजे से 24 घंटे के लिए भूख हडताल पर बैठे।

राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का प्रदर्शन 26वें दिन जारी है। दूसरी ओर सरकार पर दबाब बनाने के लिए सोमवार से किसानों ने क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है।

सिंघु बॉर्डर और गाजीपुर बॉर्डर पर 11 किसान 24 घंटे भूख हड़ताल पर बैठ चुके हैं। वहीं हर रोज अब 11 किसान भूख हड़ताल पर बैठेंगे। गाजीपुर बॉर्डर पर मिंटू बाजवा सुबह 8 बजे से 24 घंटे के लिए भूख हडताल पर बैठे।

उन्होंने बताया, अगले 24 घंटे के लिए हम भूख हड़ताल पर बैठे हैं। हम सिर्फ पानी पी सकते हैं, सांस ले सकते हैं और बात कर सकते हैं। लेकिन कुछ खाएंगे नहीं। शायद प्रधानमंत्री को थोड़ा किसानों पर दया आ जाए और कानून वापस ले लें।

उधर सिंघु बॉर्डर पर भारतीय किसान यूनियन एकता सिधुपुर के प्रधान जगजीत सिंह दलेवाल, दुआबा किसान यूनियन पंजाब जनरल सेक्रेटरी कुलदीप सिंह और प्रधान जगबीर सिंह, भारतीय किसान यूनियन पंजाब के प्रधान फुरमान सिंह संधू, जम्हूरी किसान सभा अमृतसर के किसान नेता डॉ. सतनाम सिंह अजनाला, भारतीय किसान यूनियन के नेता बूटा सिंह चकर, क्रांतिकारी किसान यूनियन के नेता अवतार सिंह, कीर्ति किसान यूनियन के नेता भूपेंद्र सिंह आदि भूख हड़ताल पर बैठे हैं।

किसान आंदोलन में तेजी लाने के लिए किसानों ने यह रणनीति बनाई है। रविवार को सभी किसान संगठनों की बैठक हुई थी जिसमें क्रमिक भूख हड़ताल करने का फैसला लिया गया। इसके तहत हर रोज 11 किसान भूख हड़ताल पर बैठेंगे। किसानों का मानना है कि इस तरह सरकार से हम अपनी बात मनवाएंगे।

किसान पीछे हटने का नाम नहीं ले रहे हैं। वहीं इस बात पर अड़े हुए हैं कि सरकार इन कानूनों को तुरन्त वापस ले। वहीं जानकरी के अनुसार किसान और केंद्र सरकार इस मसले को जल्द सुलझाने के लिए एक बार फिर बातचीत कर सकते हैं।

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