फास्टैग आदेश लागू, खेड़की टोल प्लाजा पर लगा दो किमी लंबा ट्रैफिक जाम

फास्टैग आदेश लागू, खेड़की टोल प्लाजा पर लगा दो किमी लंबा ट्रैफिक जाम

फास्टैग लेन आदेश सोमवार मध्यरात्रि से लागू तो हो गया है, लेकिन इसके परिणामस्वरूप मंगलवार को दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे (एनएच-48) के खेड़की दौला टोल प्लाजा पर पीक ऑवर के दौरान दो किलोमीटर से अधिक लंबा ट्रैफिक जाम देखा गया।

फास्टैग लेन आदेश सोमवार मध्यरात्रि से लागू तो हो गया है, लेकिन इसके परिणामस्वरूप मंगलवार को दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे (एनएच-48) के खेड़की दौला टोल प्लाजा पर पीक ऑवर के दौरान दो किलोमीटर से अधिक लंबा ट्रैफिक जाम देखा गया।

हालांकि टोल प्रबंधन प्राधिकरण ने ट्रैफिक जाम की स्थिति से निपटने के लिए कई ट्रैफिक मार्शल भी तैनात किए थे, लेकिन पीक ऑवर के दौरान वाहनों की लंबी कतार देखी गई और लोग जाम के कारण हलकान होते दिखे।

जैसी कि उम्मीद की जा रही थी, टोल प्लाजा पर फास्टैग से लैस वाहनों के लिए आरक्षित सभी 25 लेनों पर लंबे समय तक ट्रैफिक जाम देखा गया। स्थिति उस समय बिगड़ गई जब रश-ऑवर के दौरान जयपुर से दिल्ली की ओर जाने वाले वाहन लगभग दो किमी तक कतारों में खड़े दिखे।

एक ट्रैफिक पुलिस कर्मी ने कहा कि टोल प्लाजा के आगे एक ट्रैक्टर-ट्रॉली के पलट जाने से यातायात प्रभावित हुआ। मिलेनियम सिटी एक्सप्रेसवे प्राइवेट लिमिटेड (एमसीईपीएल) के अधिकारियों ने कहा कि ट्रैफिक जाम इस वजह से होता है कि 20 प्रतिशत वाहनों में फास्टैग नहीं होते हैं। इससे आने-जाने वालों को काफी परेशान होना पड़ रहा है।

एक अधिकारी ने कहा कि फास्टैग को शीघ्रता से पढ़ने के लिए हमने एक नई रेडियो-फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) टैग रीडर लगाया है और फास्टैग की बिक्री के लिए टोल प्लाजा पर कई स्टॉल लगाए गए हैं ताकि वाहन मालिकों इन्हें खरीद सकें।

अधिकारी ने कहा कि मोटर चालकों को असुविधा से बचाने के लिए हमने मैन्युअली फास्टैग स्कैनिंग शुरू की है ताकि ट्रैफिक जाम की समस्या से बचा जा सके।

उन्होंने यह भी कहा कि समर्पित फास्टैग लेन में जाम की स्थिति की एक वजह यह भी है कि फास्टैग यूजर्स और कैश यूजर्स के पास पर्याप्त बैलेंस नहीं रह रहे हैं। खराब गुणवत्ता वाले टैग के कारण हैंडहेल्ड मशीनों का उपयोग उन्हें पढ़ने के लिए किया जाता है, जिसके कारण समय अधिक लगता है।

तीन लेनों के प्रभारी एक ट्रैफिक मार्शल ने कहा कि उन्होंने मंगलवार को कई वाहनों के टैग पढ़ने के लिए मशीन का इस्तेमाल किया। अधिकारियों ने दावा किया कि एक दिन में लगभग 80,000 वाहन टोल प्लाजा से गुजरे, जिसमें लगभग 20 प्रतिशत मोटर चालकों के पास फास्टैग नहीं थे।

दो शिफ्टों में 50 से अधिक मार्शल तैनात किए गए थे ताकि वाहनों को उनके भुगतान के तरीके के अनुसार लेन दिया जा सके। इसके अलावा, हैंडहेल्ड मशीनों के साथ मार्शल की संख्या भी बढ़ाई गई है।

ट्रैफिक इंस्पेक्टर अनिल ने कहा कि यातायात की स्थिति को संभालने के लिए 20 के मुकाबले तीन शिफ्ट में 50 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। उन्होंने कहा कि स्थिति उतनी बुरी नहीं है जितनी कि उम्मीद की गई थी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।

फास्टैग यूजर अमन टुटेजा ने कहा कि दिल्ली के रास्ते गुरुग्राम जाने के लिए टोल पार करने में मुझे सुबह के वक्त 40 मिनट लगे।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर शुल्क संग्रह प्लाजा की सभी लेन को 15 फरवरी/16 फरवरी, 2021 की आधी रात से "शुल्क प्लाजा की फास्टैग लेन" के रूप में घोषित कर दिया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम 2008 के अनुसार, कोई भी वाहन जिसमें फास्टैग नहीं लगा हुआ है अथवा, जिस वाहन में वैध, कार्यात्मक फास्टैग नहीं है, उसे शुल्क प्लाजा में प्रवेश करने पर उस श्रेणी के लिए निर्धारित शुल्क का दोगुना शुल्क के बराबर की राशि का भुगतान करना होगा।

परिवहन मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि डिजिटल मोड के माध्यम से शुल्क भुगतान को बढ़ावा देने, प्रतीक्षा समय और ईंधन की खपत को कम करने और शुल्क प्लाजा के माध्यम से एक आसान और निर्बाध मार्ग प्रदान करने के लिए ऐसा किया गया है। मंत्रालय ने 1 जनवरी 2021 से प्रभावी होने के साथ मोटर वाहनों के एम एंड एन श्रेणियों में फास्टैग को फिट करने का आदेश दिया था।

श्रेणी एम का अर्थ है, यात्रियों को ले जाने के लिए उपयोग किए जाने वाले कम से कम चार पहियों के साथ एक मोटर वाहन है। और श्रेणी एन का तात्पर्य है - एक मोटर वाहन जिसमें सामान ले जाने के लिए कम से कम चार पहिए हैं और जो सामान के अलावा व्यक्तियों को भी ले जा सकते हैं।

Keep up with what Is Happening!

AD
No stories found.
Best hindi news platform for youth
www.yoyocial.news