काबुल में अमेरिकी निकासी के बाद एयरपोर्ट पर उतरा पहला विमान

15 अगस्त को तालिबान द्वारा काबुल पर कब्जा किए जाने के बाद से यह हवाईअड्डा अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों के लिए बंद है।
काबुल में अमेरिकी निकासी के बाद एयरपोर्ट पर उतरा पहला विमान

खाद्य सामग्री से लदा संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का एक विमान काबुल के हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उतरा, जो 31 अगस्त को अमेरिका की वापसी के बाद अफगानिस्तान की राजधानी पहुंचने वाली पहली उड़ान है।

तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने शुक्रवार को कहा, "संयुक्त अरब अमीरात का एक विशाल विमान 60 टन भोजन लेकर आज काबुल हवाईअड्डे पर उतरा।"

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, मुजाहिद ने कहा, "यूएई द्वारा प्रदान की गई खाद्य सहायता का आगमन अफगानों के लिए अच्छी खबर है। हम अफगानों के समर्थन के लिए यूएई के के आभारी हैं।"

उन्होंने कहा, "इस्लामिक अमीरात सभी देशों से अफगानिस्तान को अपना समर्थन देना जारी रखने का आग्रह करता है।"

15 अगस्त को तालिबान द्वारा काबुल पर कब्जा किए जाने के बाद से यह हवाईअड्डा अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों के लिए बंद है।

अमेरिकी नेतृत्व वाली निकासी उड़ानें समाप्त होने के बाद तालिबान बलों ने 31 अगस्त को हवाई अड्डे पर नियंत्रण कर लिया।

मुजाहिद ने कहा कि तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात और कतर से तकनीकी दल और विशेषज्ञ पहले ही आ चुके हैं और हवाई अड्डे को चालू करने के लिए अफगान पक्ष की मदद करने के लिए काम कर रहे हैं और अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू उड़ानें जल्द ही फिर से शुरू होंगी।

"हवाईअड्डा जल्द ही तैयार और चालू हो जाएगा। दुर्भाग्य से, अमेरिकी सैनिकों ने हवाई अड्डे के कुछ हिस्सों को क्षतिग्रस्त कर दिया है और अब कतर और यूएई के समर्थन से उन नुकसानों की मरम्मत की जा रही है।"

उन्होंने कहा, "हवाईअड्डा बहुत जल्द लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।"

इससे पहले शुक्रवार को, एक अपेक्षित घरेलू उड़ान को अस्पष्ट कारण से निलंबित कर दिया गया है।

इस बीच, टोलो न्यूज से बात करने वाले कई अफगानों ने मानवीय समर्थन का स्वागत करते हुए कहा कि लाखों लोगों को मदद की जरूरत है और दुनिया के देशों को उनका समर्थन करना चाहिए।

नूर खान ने कहा, "काबुल में रहने वाले कई परिवार यहां प्रांतों से आए हैं और उनके पास यहां कुछ भी नहीं है। ज्यादातर लोगों के पास घर नहीं है और वे तंबू में रहते हैं। उन्हें आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है और दुनिया को हमारी मदद करनी चाहिए।"

काबुल निवासी अत्ता मोहम्मद ने कहा, "अफगानिस्तान के लोग गरीब हैं। दुनिया के देशों को अफगानिस्तान की मदद करनी चाहिए।"

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