किसान आंदोलन और कोरोना के कहर से फसलों की कटाई और बुवाई बेअसर

किसान आंदोलन और कोरोना के कहर से फसलों की कटाई और बुवाई बेअसर

किसान आंदोलन और देश में गहराते कोरोना के कहर के बावजूद रबी फसलों की कटाई और जायद सीजन की फसलों की बुवाई निर्बाध तरीके से चल रहा है। देशभर में रबी फसलों की कटाई तकरीबन 50 फीसदी पूरी हो चुकी है।

किसान आंदोलन और देश में गहराते कोरोना के कहर के बावजूद रबी फसलों की कटाई और जायद सीजन की फसलों की बुवाई निर्बाध तरीके से चल रहा है। देशभर में रबी फसलों की कटाई तकरीबन 50 फीसदी पूरी हो चुकी है और और जायद सीजन की फसलों की बुवाई पिछले साल से 20 फीसदी से बढ़कर 56.40 लाख हेक्टेयर से ज्यादा हो चुका है।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों पर गौर करें तो बीते सप्ताह तक देशभर में रबी फसलों की करीब 48 फीसदी कटाई हो चुकी थी। कृषि विशेषज्ञ व वैज्ञानिक बताते हैं कि इस साल रबी सीजन में मौसम अनुकूल रहने से गेहूं, सरसों और चना समेत तमाम प्रमुख फसलों की अच्छी पैदावार है।

वहीं, चालू जायद सीजन यानी ग्रीष्मकालीन फसलों की बुवाई पिछले साल के मुकाबले ज्यादा तेजी से चल रही है। चालू बुवाई सीजन में सबसे ज्यादा धान की खेती 36.87 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इसी अवधि में 31.62 लाख हेक्टयर में ग्रीष्मकालीन धान की बुवाई हुई थी।

दलहनों की बुवाई का रकबा पिछले साल के 3.58 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 5.53 लाख हेक्टेयर हो गया है। मोटे अनाजों की बुवाई 6.79लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में मोटे अनाजों की खेती 6.72 लाख हेक्टेयर में हुई थी।

तिलहनों की बुवाई 7.20 लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल इसी अविध में ग्रीष्मकालीन तिलहनों की बुवाई 6.91 लाख हेक्टेयर में हुई थी।c

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