हरियाणा में एस्मा लागू, छह महीने तक हड़ताल नहीं कर सकेंगे स्वास्थ्य कर्मचारी

हरियाणा में एस्मा लागू, छह महीने तक हड़ताल नहीं कर सकेंगे स्वास्थ्य कर्मचारी

मांगें पूरी न होने के चलते चिकित्सकों की नाराजगी का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में मंगलवार को ओपीडी बंद रही। बुधवार-गुरुवार को ओपीडी सेवाएं बहाल रहेंगी।

हरियाणा में एस्मा (आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून) लागू कर दिया गया है, स्वास्थ्य कर्मी अब 6 महीने तक हड़ताल नहीं कर सकेंगे। हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। मंत्री अनिल विज का कहना है कि यह कदम कोरोना की रोकथाम में बाधा डालने के लिए डॉक्टरों के एक समूह द्वारा हड़ताल पर चले जाने के कारण उठाया गया है। बता दें कि डॉक्टरों ने मंगलवार को अपनी कुछ मांगों को लेकर ओपीडी बंद रखी है।

मांगें पूरी न होने के चलते चिकित्सकों की नाराजगी का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में मंगलवार को ओपीडी बंद रही। बुधवार-गुरुवार को ओपीडी सेवाएं बहाल रहेंगी। चिकित्सकों ने एलान किया है कि इन दो दिनों में मांगें नहीं मानी तो चिकित्सक 14 जनवरी शुक्रवार को इमरजेंसी सेवाएं बंद कर पूर्ण हड़ताल पर चले जाएंगे। यह फैसला हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (एचसीएमएसए) ने लिया है।

इसलिए हड़ताल पर हैं चिकित्सक

एसएमओ की सीधे भर्ती न हो, यह पद प्रमोशन से भरे जाएं, डॉक्टरों की तीन के बजाय चार एसीपी 4, 9, 13 और 20 साल में मिलें और विशेषज्ञों के लिए अलग काडर तैयार करने की मांग पूरी न होने से नाराज चिकित्सक मंगलवार को हड़ताल पर रहे।

यहां फंसा है पेच

मांगों को लेकर सरकार से डॉक्टरों की सहमति भी हो चुकी है। फाइल स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से पास होकर सीएमओ ऑफिस में है। मांगें वित्त विभाग से जुड़ी हैं लेकिन यहां से फाइल पास नहीं होने के कारण ही नया नोटिफिकेशन जारी नहीं हो पा रहा है। इसी कारण वित्त विभाग के एसीएस से डॉक्टरों की बैठक तय की गई थी।

पहले भी कई बार आश्वासन मिल चुके

एचसीएमएसए के प्रदेश प्रधान डॉ. जसबीर परमार ने कहा कि बैठक पहले से ही तय थी लेकिन दोपहर को बताया गया कि वित्त विभाग के एसीएस को बुखार है। इसलिए बैठक नहीं हो पाई। दो दिन में मांगें नहीं मानी तो 14 जनवरी से इमरजेंसी सेवाएं बंद कर पूर्ण हड़ताल की जाएगी। पहले भी कई बार आश्वासन मिल चुके हैं। अब फाइल पर वित्त विभाग की मुहर लगने के बाद ही बात की जाएगी।

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