केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वर्धन 'स्टॉप टीबी पार्टनरशिप बोर्ड' के अध्यक्ष बने

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वर्धन 'स्टॉप टीबी पार्टनरशिप बोर्ड' के अध्यक्ष बने

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री हर्ष वर्धन को 'स्टॉप टीबी पार्टनर्शिप बोर्ड' का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि वह तीन साल का कार्यकाल पूरा करेंगे।

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री हर्ष वर्धन को 'स्टॉप टीबी पार्टनर्शिप बोर्ड' का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि वह तीन साल का कार्यकाल पूरा करेंगे।

स्टॉप टीबी पार्टनरशिप एक विशिष्ट अंतर्राष्ट्रीय संस्था है, जो दुनियाभर के विभिन्न पक्षों के साथ मिलकर टीबी के विरुद्ध संघर्ष का अभियान चलती है। दुनिया के विभिन्न भागों में साझेदारी के चलते इस वैश्विक संगठन की विशिष्ट मान्यता है और इसे टीबी को खत्म करने के लिए चिकित्सा, सामाजिक और वित्तीय विशेषज्ञता की आवश्यकता पड़ती है।

स्टॉप टीबी पार्टनरशिप बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में डॉ. हर्ष वर्धन जुलाई 2021 को अपना पद संभालेंगे और उनका कार्यकाल 3 वर्षों का होगा। स्टॉप टीबी पार्टनरशिप का गठन वर्ष 2000 में किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य जन स्वास्थ्य की समस्या बन चुके टीबी या तपेदिक (ट्यूबरकुलोसिस) को जड़ से खत्म करना था।

इस संस्था का गठन मार्च 1998 में लंदन में ट्यूबरकुलोसिस महामारी पर आपातकालीन समिति की बैठक के पहले सत्र के बाद हुआ।

सितंबर 2019 में डॉ. हर्ष वर्धन ने राष्ट्रीय टीबी प्रसार सर्वेक्षण के साथ-साथ 'टीबी हारेगा देश जीतेगा' नाम से एक नया और बेहद प्रभावी अभियान शुरू किया था। उसके बाद से अब तक इस अभियान से अनेक पक्षों के साथ-साथ सामुदायिक साझेदारी बढ़ी है, जिससे देशव्यापी अभियान को बल मिला है।

भारत का लक्ष्य वैश्विक समय सीमा से पांच साल पहले ही 2025 तक टीबी का उन्मूलन (जड़ से खात्मा) करना है।

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