तबाही के संकेत लेकर आया चक्रवाती तूफान 'अम्फान', ओडिशा-प.बंगाल के कई इलाकों में भारी बारिश, NDRF टीम तैनात
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तबाही के संकेत लेकर आया चक्रवाती तूफान 'अम्फान', ओडिशा-प.बंगाल के कई इलाकों में भारी बारिश, NDRF टीम तैनात

मौसम विभाग ने कहा कि तूफान अम्फान का एक हिस्सा जमीन से टकरा गया है। मुख्य हिस्सा कभी भी टकरा सकता है।

By Yoyocial News

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चक्रवाती तूफान 'अम्फान' बंगाल के तट से टकरा चुका है और लैंडफॉल प्रक्रिया में है, अगले कुछ घंटे बेहद अहम होंगे। एनडीआरएफ की टीम पूरी तरह अलर्ट है। ओडिशा के कुछ इलाकों और पश्चिम बंगाल के दीघा में इसने नुकसान पहुंचाया है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बुधवार को कहा कि चक्रवात 'अम्फान' के पहुंचने की प्रक्रिया अपराह्न् 02:30 बजे से शुरू हो चुकी है, जो चार घंटे तक जारी रहेगी। मौसम एजेंसी ने अपराह्न् तीन बजे के अपडेट में कहा 'अपराह्न् 2.30 बजे से ही तूफान के दस्तक देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पश्चिम बंगाल में यह प्रवेश कर रहा है और यह प्रक्रिया चार घंटे तक जारी रहेगी।'

चक्रवात ओडिशा के पारादीप से 190 किलोमीटर पूर्व-उत्तर पूर्व में, पश्चिम बंगाल के दीघा से 65 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण पूर्व में, सागर द्वीप से 35 किमी और बांग्लादेश में खेपुपारा से 225 किमी दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम में है। अम्फान उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ेगा और सागर द्वीप के आसपास सुंदरवन के करीब दीघा और हटिया द्वीप समूह के बीच पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट को पार करेगा। चक्रवात के टकराने के समय इसकी तीव्रता 155 से 165 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से 185 किमी प्रति घंटा होने की संभावना है।

पश्चिम बंगाल में तूफान पहुंचने के दौरान यह इतना तेज होगा कि लहरें चार से छह मीटर ऊपर उठने की उम्मीद है। बंगाल में दक्षिण और उत्तर 24 परगना जिलों के निचले इलाकों और पूर्वी मेदिनीपुर जिले के कुछ हिस्सों में लहरें और अधिक रहने की आशंका है। कोलकाता, हुगली और हावड़ा में हवा की गति 110 किमी प्रति घंटे से 120 किमी प्रति घंटे के बीच रहने की संभावना है, जो कि 130 किमी प्रति घंटे तक भी जा सकती है। इसकी वजह से शहरी क्षेत्रों में भी व्यापक नुकसान हो सकता है।

ओडिशा के तटीय इलाकों में 100 किमी से 125 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलेगी जिससे जगतसिंहपुर, केंद्रापाड़ा, भद्रक और बालासोर सबसे अधिक प्रभावित होंगे। इस कारण पेड़ों से लेकर संचार और बिजली के खंभे गिरने की संभावना बनी हुई है। तूफान इतना खतरनाक होगा कि इससे पक्के घरों को भी नुकसान पहुंच सकता है और फसलों व बागवानी को भी व्यापक नुकसान होने की आशंका है।

विशेष राहत आयुक्त पीके जेना ने बताया कि ओडिशा में निचले इलाकों में रहने वाले करीब 1.41 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इन्हें 2921 राहत शिविरों में रखा गया है जहां खाने व दूसरी सुविधाएं मुहैया कराई गई है। प. बंगाल तट पर दीघा और हटिया द्वीप को पार करने के दौरान अम्फान तूफान ने कैसी तबाही मचाई, ये तस्वीरें बयां कर रही हैं।

मौसम विभाग ने कहा कि तूफान अम्फान का एक हिस्सा जमीन से टकरा गया है। मुख्य हिस्सा कभी भी टकरा सकता है।

भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक एसएन प्रधान ने मंगलवार को कहा था कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने निकासी और राहत देने के लिए 41 से अधिक टीमों को तैनात किया है।

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