तमिलनाडु में कोविड वैक्सीन की सबसे ज्यादा बर्बादी

तमिलनाडु में कोविड वैक्सीन की सबसे ज्यादा बर्बादी

कई राज्यों ने कोविड के टीके की कमी का दावा किया है, लेकिन यह भी पता चला है कि कई राज्यों ने इसकी भारी मात्रा में बर्बादी की है। तमिलनाडु, हरियाणा और पंजाब तीन शीर्ष राज्य हैं जिन्होंने टीके के सबसे ज्यादा बर्बादी की सूचना दी थी।

कई राज्यों ने कोविड के टीके की कमी का दावा किया है, लेकिन यह भी पता चला है कि कई राज्यों ने इसकी भारी मात्रा में बर्बादी की है। तमिलनाडु, हरियाणा और पंजाब तीन शीर्ष राज्य हैं जिन्होंने टीके के सबसे ज्यादा बर्बादी की सूचना दी थी। जबकि केरल, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश ऐसे राज्य थे जिन्होंने एक भी कोविड वैक्सीन की बर्बादी की सूचना दी।

आरटीआई के जवाब में केंद्र सरकार द्वारा 11 अप्रैल तक शेयर किए गए आंकड़ों के अनुसार, तमिलनाडु में सबसे ज्यादा वैक्सीन की बर्बादी 12.10 प्रतिशत दर्ज किया गया है, इसके बाद हरियाणा (9.74 प्रतिशत), पंजाब (8.12 प्रतिशत), मणिपुर (7.80 प्रतिशत) और तेलंगाना (7.55 प्रतिशत) है।

असम में 7.69 फीसदी, बिहार (6.99 फीसदी), चंडीगढ़ (6.93 फीसदी), दिल्ली (6.15 फीसदी) और राजस्थान (छह फीसदी) दर्ज की गई।

टीके के 'शून्य बर्बादी' की सूचना देने वाले आठ राज्यों में केरल, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, मिजोरम, गोवा, दमन और दीव, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप हैं।

11 अप्रैल तक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा कोविड वैक्सीन की 10 करोड़ से अधिक खुराक दी गई हैं।

केंद्र सरकार ने कई बार कहा कि टीकों का आवंटन राज्यों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। भारत सरकार अपने हिस्से से, टीकाकरण के लिए राज्यों या संघ शासित प्रदेशों को संक्रमण की सीमा (सक्रिय कोविड मामलों की संख्या) और प्रदर्शन (प्रशासन की गति) के आधार पर आवंटित करेगी। इन मानदंडों में टीकों की बर्बादी पर भी विचार किया जाएगा।

केंद्र सरकार ने 19 अप्रैल को कहा था, उपरोक्त मानदंडों के आधार पर, राज्यों का कोटा तय किया जाएगा और राज्यों को पर्याप्त रूप से अग्रिम रूप से सूचित किया जाएगा।

1 मई से केंद्र सरकार ने 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी को कोविड -19 के खिलाफ टीका प्राप्त करने की अनुमति दी है। अगले महीने से शुरू होने वाले टीकाकरण के तीसरे चरण में टीका निर्माता अपनी मासिक सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेटरी (सीडीएल) की 50 प्रतिशत आपूर्ति भारत सरकार को जारी करेंगे और बाकी 50 प्रतिशत खुराक की आपूर्ति राज्य सरकारों और बाजार में करेंगे।

सभी टीकाकरण राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम का हिस्सा होगा और सभी प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य है जैसे कि कोविन प्लेटफॉर्म पर होता है।

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