होली और रंग पंचमी पर हुआ 35 हजार करोड़ रुपये के व्यापार का नुकसान

होली और रंग पंचमी पर हुआ 35 हजार करोड़ रुपये के व्यापार का नुकसान

भारत त्योहारों की धरती है और प्रतिवर्ष देश में होली तथा रंग पंचमी जैसे बड़े त्यौहार से ही त्यौहारों की श्रृंखला शुरू होती है और हर त्यौहार देश के व्यापारियों के लिए व्यापार के बड़े अवसर लाता है।

भारत त्योहारों की धरती है और प्रतिवर्ष देश में होली तथा रंग पंचमी जैसे बड़े त्यौहार से ही त्यौहारों की श्रृंखला शुरू होती है और हर त्यौहार देश के व्यापारियों के लिए व्यापार के बड़े अवसर लाता है।

कैट के अनुसार, कोरोना के तेजी से बढ़ते के कारण केंद्र सरकार एवं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा कोविड दिशानिर्देशों के सख्ती से लागू होने के कारण देशभर के राज्यों को होली और रंग पंचमी पर लगभग 35 हजार करोड़ रुपये के व्यापार का बड़ा नुकसान सहना पड़ा है। लेकिन इस बार होली पर चीन को 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक के व्यापार का नुकसान जरूर सहना पड़ा है।

कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने सोमवार को एक वक्तव्य जारी कर बताया, "विभिन्न राज्यों के प्रमुख व्यापारी नेताओं से आज हुई बातचीत के आधार पर यह कहा जा सकता है कि होली और रंग पंचमी के पर्व पर देशभर में पिछले कुछ वर्षों में लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का व्यापार होता है, जबकि इस साल कोविड के चलते देशभर के व्यापारियों को होली और रंग पंचमी के त्यौहार पर लगभग 35 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के व्यापार का जबरदस्त नुकसान हुआ है।"

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने बताया, "होली और रंग पंचमी पर विशेष तौर पर रंग, अबीर, गुलाल, गुब्बारे, प्लास्टिक के होली के खिलौने, पीतल और स्टेनलेस स्टील की पिचकारी, मिठाइयां, टेसू के फूल, अन्य अनेक प्रकार के फूल, फल, ड्राई फूट्र, होली के लिए विशेष रूप से बने सस्ते कुर्ते पाजामे, टी शर्ट, होली की साड़ियां, अन्य खाने पीने के सामान, धूपबत्ती एवं अगरबत्ती आदि का बड़ी मात्रा में व्यापार होता है।"

उन्होंने कहा, "प्रतिवर्ष इस त्यौहार के मौके पर चीन से लगभग 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का सामान भारत आता था, जिसमें मुख्य रूप से होली के खिलौने, रंग, लोहे की पिचकारी, गुलाल आदि आते थे।

लेकिन कैट द्वारा गत वर्ष 10 जून से देश भर में चालू चीनी सामान बहिष्कार अभियान के तहत जहां दिवाली तक चीन को जहां 70 हजार करोड़ रुपये के व्यापार का नुकसान हुआ, वहां इस वर्ष चीन से होली पर एक भी सामान न आने से चीन को 10 हजार करोड़ रुपये के व्यापार का बड़ा नुकसान हुआ है!"

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