IIT roorkee
IIT roorkee
ताज़ातरीन

IIT रुड़की ने आसान बनाई कोरोना से लड़ने की तैयारी, कमाल की है ये बेहतरीन तकनीक

कुछ छोटी चीजें जैसे मोबाइल, घड़ी, पर्स, चाबी, चश्मे, बैग और वायरलेस गैजेट आदि से संक्रमण के खतरे को खत्म करने के लिए IIT रूड़की के वैज्ञानिकों ने नई तकनीक ईजाद की है. इन्होंने ऐसा स्टेरिलाइजेशन सिस्टम तैयार किया है जो इन उपकरणों को सैनिटाइज कर देगा.

Yoyocial News

Yoyocial News

कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए इस वक्त सबसे जरूरी चीज है सावधानी. हर एक काम में हर किसी को पूरी सावधानी बरतनी होगी. इसी काम को और बेहतर और आसान बनाने के लिए आईआईटी रूड़की ने ढ़ूंढ़ निकाला है एक बेहतर तरीका.

कुछ छोटी चीजें जैसे मोबाइल, घड़ी, पर्स, चाबी, चश्मे, बैग और वायरलेस गैजेट आदि से संक्रमण के खतरे को खत्म करने के लिए वैज्ञानिकों ने नई तकनीक ईजाद की है. इन्होंने एक ऐसा स्टेरिलाइजेशन सिस्टम तैयार किया है जो इन उपकरणों को सैनिटाइज कर देगा. लैब में टेस्टिंग के बाद आईआईटी रुड़की ने इस सिस्टम को हरिद्वार नगर निगम को भी सौंप दिया है.

शोधकर्ताओं के मुताबिक स्टेरिलाइजेशन सिस्टम का प्रयोग हवाई अड्डे, मेट्रो, अस्पताल, शिक्षण संस्थान, शापिंग मॉल आदि में आसानी से किया जा सकता है, क्योंकि यहां पर इन गैजेट के वायरस की चपेट में आने की संभावना अधिक ह. आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. अजीत चतुर्वेदी ने कहा, इस महामारी के दौरान जो कुछ भी संभव है, आईआईटी रुड़की उसमें योगदान करने का प्रयास कर रहा है. मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह सिस्टम वस्तुओं से कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने में अहम भूमिका निभाएगा.

संस्थान के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर विमल चंद्र श्रीवास्तव और उनकी टीम के सदस्य नवनीत कुमार, रोहित चौहान व डॉ. स्वाति वर्मा ने इस सिस्टम को तैयार किया है. इसे लॉकडाउन अवधि में कुल 20 दिनों में तैयार की गई है. यह अल्ट्रा-वायलेट रेडिएशन के जरिए उपकरणों को सैनिटाइज करता है. यह वस्तुओं की नॉन-स्टॉप स्क्रीनिंग में सक्षम है. सिस्टम का डिजाइन और ऑपरेशन, यूवी लाइट के उपयोग से जुड़े सभी स्वास्थ्य संबंधी खतरों का ख्याल रखता है.

Keep up with what Is Happening!

Best hindi news platform for youth
www.yoyocial.news