sonia gandhi
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बैठक में विपक्ष ने केंद्र पर साधा निशाना, किसी को आर्थिक पैकेज से आपत्ति, किसी ने 'शोमैनशिप' कह डाला

विपक्षी दलों ने केंद्र पर निशाना साधा है. कांग्रेस के सदस्यों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये एक मीटिंग की, जिसमें केंद्र सरकार से अम्फान को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की गई. सोनिया गांधी ने कोरोना संकट को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा.

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कोरोना के इस संकट भरे माहौल में कांग्रेस और बीजेपी की भिडंत खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है. विपक्षी दलों ने एक बार फिर केंद्र पर निशाना साधा है. कांग्रेस के सदस्यों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये एक मीटिंग की, जिसमें केंद्र सरकार से अम्फान को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की गई. सोनिया गांधी ने बैठक की शुरुआत करने के साथ ही कोरोना संकट को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा.

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई बैठक में सोनिया गांधी ने कहा कि इस महामारी से अर्थव्यवस्था को गंभीर झटका लगा है. प्रतिष्ठित अर्थशास्त्रियों ने बड़े पैमाने पर राजकोषीय प्रोत्साहन दिए जाने की तत्काल आवश्यकता की सलाह दी थी. प्रधानमंत्री मोदी ने 12 मई को 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया और फिर वित्त मंत्री अगले पांच दिनों तक उसका विवरण देती रहीं. यह देश के साथ एक क्रूर मजाक था.

उन्होंने कहा कि सारी शक्ति अब एक कार्यालय, पीएमओ में केंद्रित है. संघवाद की भावना जो हमारे संविधान का एक अभिन्न अंग है, इसे भुला दिया गया है.

rahul gandhi
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विपक्षी दलों की बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि कोविड-19 लॉकडाउन का कोई नतीजा सामने नहीं आया. इस बैठक में 22 दल शामिल हुए. राहुल गांधी ने कहा, "लॉकडाउन के दो मकसद थे, बीमारी (कोरोना) को रोकना और इसके प्रसार को रोकना लेकिन संक्रमण बढ़ रहा है. "उन्होंने कहा, "आज संक्रमण बढ़ रहा है लेकिन हम लॉकडाउन को हटा रहे हैं. इसका मतलब है कि लॉकडाउन को बिना सोचे समझे लागू किया गया और इसने सही परिणाम नहीं दिया."

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने एक बयान को पढ़ा, "समान विचारधारा वाली पार्टियां मानती हैं कि यह समय केंद्र सरकार के लिए न तो शोमैनशिप में संलिप्त होने का है और न वन-अपमैनशिप में ही. यह समय एक बड़े सामूहिक प्रयास का है."

mamta banerjee
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बैठक को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, झारखंड के मुख्यमंत्री और झामुमो नेता हेमंत सोरेन, एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार और द्रमुक नेता एम के स्टालिन ने भी संबोधित किया.

ममता बनर्जी ने कहा कि कोरोना संकट में केंद्र सरकार राज्यों की ठीक से मदद नहीं कर रही है. वहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि सभी विपक्षी दलों को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि महाराष्ट्र में बीजेपी कैसा बर्ताव कर रही है. राज्य इसके बावजूद केंद्र के साथ समन्वय स्थापित कर काम कर रहा है. वहीं बीजेपी कोरोना संकट में आंदोलन पर उतारू है.

विपक्षी पार्टियों ने कहा कि भारत सरकार को सभी राजनीतिक दलों से एक व्यवस्थित तरीके से हर हाल में संवाद करना चाहिए. उन्होंने मांग की कि सरकार स्थायी समितियों जैसे संसदीय संस्थानों को सक्रिय करे और राज्यों को उचित वित्तीय मदद दे.

विपक्ष ने सभी सार्वजनिक स्वास्थ्य कर्मियों, खासतौर से डॉक्टरों, नर्सो, पैरामेडिक्स के साथ ही पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों, सफाईकर्मियों,और पानी-बिजली की आपूर्ति जैसी आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों के शानदार प्रयासों की सराहना की.

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