भारतीय वैज्ञानिक शनमुगा ने विक्रम लैंडर को चांद पर ढ़ूंढ़ा, तो क्या..! सही सलामत सतह पर लैंड हुआ था चंद्रयान?
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भारतीय वैज्ञानिक शनमुगा ने विक्रम लैंडर को चांद पर ढ़ूंढ़ा, तो क्या..! सही सलामत सतह पर लैंड हुआ था चंद्रयान?

पिछले साल 22 जुलाई को भारत ने अपना चंद्रयान-2 मिशन लॉन्च किया. इसका लैंडर विक्रम उम्मीद के मुताबिक चांद की सतह पर लैंड नहीं कर सका. चेन्नई के शनमुगा गुप्ता सुब्रमण्यम ने NASA की तस्वीर देखने के बाद लैंडर विक्रम को चांद की सतह पर ढूंढ लिया है.

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पिछले साल 22 जुलाई को भारत ने अपना महत्वाकांक्षी चंद्रयान-2 मिशन लॉन्च किया और चांद के अंधेरे हिस्से पर ISRO ने अपना यान भेजा. हालांकि, इसका लैंडर विक्रम उम्मीद के मुताबिक आराम से चांद की सतह पर लैंड नहीं कर सका और धरती से इसका संपर्क टूट गया. लेकिन चंद्रयान 2 के विक्रम लैंडर और रोवर प्रज्ञान को लेकर अब भी प्रयास जारी है. चंद्रयान मिशन को कई वैज्ञानिक 90 से 95 फीसदी सफल बताते हैं जबिक तमाम ने इसे एक असफल मिशन भी करार दिया था. लेकिन ISRO अब भी इससे संपर्क साधने की लगातार कोशिश कर रहा है.

चेन्नई के रहने वाले इंजीनियर शनमुगा गुप्ता सुब्रमण्यम (Shanmuga Subramanian) ने NASA की तस्वीर देखने के बाद लैंडर विक्रम को चांद की सतह पर ढूंढ लिया है. उन तस्वीरों में जो दिखा उसे विक्रम का मलबा माना गया. हालांकि, LRO की ताजा तस्वीरों में शान ने ही फिर पता लगाया है कि भले ही विक्रम की लैंडिंग मनमाफिक न हुई हो, मुमकिन है कि चंद्रयान-2 के रोवर प्रज्ञान ने एकदम सही-सलामत चांद की सतह पर कदम रखा था.

शनमुगा ने WION के साथ बातचीत के दौरान कहा, विक्रम की लैंडिंग भले ही सही तरीके से न हो पाई हो लेकिन, रोवर प्रज्ञान ने चांद की सतह पर कदम रख लिया था. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि इसकी पुष्टि ISRO और NASA करेंगे. सुब्रमण्यम ने बताया कि चार जनवरी को एक तस्वीर ली गई थी जिस पर उन्होंने स्टडी किया. नासा की तस्वीर में चांद की सतह पर कुछ अलग दिखाई दिया है. उन्होंने बताया कि नई फोटो में कुछ ऐसी चीजें नजर आई हैं जो विक्रम लैंडर (Lander Vikram) से दूर हैं और ऐसा दृश्य पहले नहीं था.

सुब्रमण्यम का कहना है कि वह कुछ और नहीं बल्कि लैंडर विक्रम के अंदर मौजूद रोवर प्रज्ञान (Rover Pragyan) था. उन्होंने कहा कि मलबे के अलावा पहली बार इस तरह की चीजें दिखी है. बकौल सुब्रमण्यम विक्रम लैंडर चांद के जिस हिस्से पर लैंड करने वाला था, वहां रोशनी काफी कम होती है. LRO की ओर से जारी तस्वीर में सूरज का एंगल अलग था, जिसके कारण रोवर प्रज्ञान दिखाई नहीं दिया. लेकिन, जनवरी महीने में रोशनी पहले से ज्यादा और अच्छी थी.

शनमुगा कहते हैं कि रिफ्लेक्शन के कारण इस बार रोवर प्रज्ञान नजर आ गया. फिलहाल, इसकी जानकारी ISRO औऱ NASA को दी गई है. अब इस मामले पर दोनों संस्थान क्या कहते हैं, उसका इंतजार किया जा रहा है. अगर ऐसा वाकई में है तो यकीनन यह भारत के लिए गर्व की बात है. शनमुगा ने अपने ट्वीटर पर तस्वीरों का वो दृश्य भी साझा किया है जो पहले नहीं दिखता था. अब देखना यह होगा कि शनमुगा की इस जानकारी पर इसरो और नासा क्या कहते हैं.

शनमुगा ने कहा कि जिस तरह से उसमें प्रोग्राम किया गया होगा, बाद में वह विक्रम (Vikram Lander) से बाहर निकलकर कुछ दूर तक गया होगा. उन्होंने कहा कि तस्वीर में रोवर और विक्रम के बीच ट्रैक देखा जा सकता है. इन सब बातों की पुष्टि ISRO और NASA ही कर सकते हैं. लेकिन, शनमुगा सुब्रमण्यम की बातों और दावों से रोवर प्रज्ञान को लेकर उम्मीद की नई किरण जगी है. चंद्रयान 2 के रोवर को लेकर इसरो के चेयरमैन डॉक्टर के सिवन का इमेल भी WION की टीम के पास भेजा गया है. उन्होंने मेल के जरिए बताया कि हमने ये तस्वीरें एक्सपर्ट्स को दी हैं, वे इनका विश्लेषण करेंगे.

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