Monkeypox: केरल में विदेश से लौटे मंकीपॉक्स के एक संदिग्ध युवक की मौत, स्वास्थ्य विभाग ने दिए जांच के आदेश

मंकीपॉक्स के लक्षणों के बाद मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग में हंगामा मचा हुआ है। मौत को लेकर केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जार्ज ने रविवार को कहा कि व्यक्ति की मौत के कारणों की जांच कराई जाएगी।
Monkeypox: केरल में विदेश से लौटे मंकीपॉक्स के एक संदिग्ध युवक की मौत, स्वास्थ्य विभाग ने दिए जांच के आदेश

कोरोना वायरस के बाद अब भारत समेत दुनिया के 78 देशों में मंकीपॉक्स संक्रमण फैल रहा है। भारत में भी मंकीपॉक्स के मरीज मिले हैं। इसी बीच, शनिवार सुबह केरल के त्रिशूर में एक 22 साल के व्यक्ति की मौत हो गई है। मृतक में मंकीपॉक्स के लक्षण पाए गए थे और वह हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा कर भारत लौटा था।

युवक की मौत के कारणों की होगी जांच
मंकीपॉक्स के लक्षणों के बाद मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग में हंगामा मचा हुआ है। मौत को लेकर केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जार्ज ने रविवार को कहा कि व्यक्ति की मौत के कारणों की जांच कराई जाएगी। युवक के स्वाब टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद उन्होंने कहा कि वह किसी अन्य बीमारी या स्वास्थ्य समस्या से ग्रसित नहीं था। बिना किसी बीमारी के मौत को लेकर विशेषज्ञ उसकी मौत के कारणों की जांच कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस बात की भी जांच की जाएगी कि 21 जुलाई को यूएई से वापस लौटने के बाद क्या वजह थी जो वह इतना देरी से अस्पताल में भर्ती हुआ।

इस दौरान उन्होंने कहा कि मंकीपॉक्स कोरोना वायरस की तरह से संक्रामक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि तुलनात्मक रूप से मंकीपॉक्स से मौतें भी कम होती हैं। उन्होंने कहा कि इसीलिए हम इस बात की जांच करेंगे कि आखिर युवक की मौत के पीछे क्या कारण है जबकि वह किसी अन्य बीमारी से नहीं पीड़ित था। इस दौरान उन्होंने मंकीपॉक्स के लक्षणों और उससे बचाव के तरीकों के बारे में भी बताया। मंत्री वीना जार्ज ने यह भी बताया कि केरल में इसकी रोकथाम और इलाज के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

आंध्र प्रदेश में एक बच्चे में मिले मंकीपॉक्स के लक्षण
इसी बीच, आंध्र प्रदेश में भी एक आठ साल के बच्चे में मंकीपॉक्स के लक्षण पाए गए हैं। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गुंटूर के मरीज के सैंपल पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में जांच के लिए भेजे गए हैं। फिलहाल उसका इलाज गुंटूर के सरकारी अस्पताल (जीजीएच) के आइसोलेशन वार्ड चल रहा है। साथ ही, इस महीने की शुरुआत में बेंगलुरु हवाई अड्डे पर जांच के दौरान मंकीपॉक्स के संदेह वाले इथियोपियाई नागरिक की भी रिपोर्ट आ गई है। उसमें चिकनपॉक्स की पुष्टि हुई है।

ये हैं लक्षण
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, मंकीपॉक्स के लक्षण 6 से 13 दिन के अंदर दिखाई देने लगते हैं। हालांकि कई बार 5 से 21 दिन का समय भी ले सकता है। संक्रमित होने पर अगले 5 दिन के अंदर बुखार, सिरदर्द, थकान और पीठ में दर्द जैसे लक्षण दिखते हैं। बुखार होने के तीन दिन के अंदर त्वचा पर दाने आने लगते हैं। मंकीपॉक्स भले कोरोना जैसे फैल रहा है लेकिन ये कोविड जितना घातक नहीं है। मंकीपॉक्स के लक्षण नजर आएं तो घबराएं नहीं। लक्षणों से मंकीपॉक्स की स्थिति को समझते हुए इलाज कराएं।

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