झारखंड का U-Turn : अब सार्वजनिक जगहों पर छठ पर्व मनाने की छूट
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झारखंड का U-Turn : अब सार्वजनिक जगहों पर छठ पर्व मनाने की छूट

अपने पिछले आदेश को पलटते हुए झारखंड सरकार ने सार्वजनिक जगहों नदी, तालाबों, बांधों और अन्य जल स्रोतों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर छठ पर्व मनाने की अनुमति दे दी है, लेकिन कुछ प्रतिबंधों के साथ। सरकार ने पहले के आदेश को रद्द करके नए दिशानिर्देश जारी किए।

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अपने पिछले आदेश को पलटते हुए झारखंड सरकार ने सार्वजनिक जगहों पर छठ पर्व मनाने की अनुमति दे दी है, लेकिन कुछ प्रतिबंधों के साथ। राज्य सरकार ने नदी, तालाबों, बांधों और अन्य जल स्रोतों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर छठ त्योहार से संबंधित अनुष्ठानों पर प्रतिबंध लगाने के पहले के आदेश को रद्द करने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए।

नए दिशानिर्देशों के अनुसार, दो व्यक्तियों के बीच छह फुट का सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखते हुए, लोगों को कन्टेनमेंट जोन के बाहर खुले स्थानों में पर्व मनाने की अनुमति है।

मास्क पहनना अनिवार्य है और व्यक्तियों को न्यूनतम निर्धारित दूरी बनाए रखनी होगी। सार्वजनिक स्थानों पर, विशेषकर जल निकायों में थूकना भी प्रतिबंधित है।

तालाबों और नदियों के पास स्टॉल लगाने पर प्रतिबंध लागू रहेगा, साथ ही छठ घाटों पर बैरिकेडिंग, मार्किं ग या बिजली की सजावट पर भी प्रतिबंध रहेगा।

सार्वजनिक स्थानों पर पटाखे फोड़ना और सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत और मनोरंजन कार्यक्रमों के आयोजन की भी अनुमति नहीं होगी।

छठ समितियां दिशानिर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने में जिला प्रशासन के अधिकारियों की सहायता करेंगी।

इन दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति पर आईपीसी की धारा 188 के तहत कानूनी कार्रवाई के अलावा, 2005 के आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 से 60 के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मामले पर कथित रूप से राजनीति करने के लिए विपक्षी भाजपा की आलोचना की। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद कहते हैं कि हमें तब तक सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखनी है, जब तक कि कोई वैक्सीन बाजार में नहीं आ जाता। भाजपा हालांकि राजनीति कर रही है।"

भाजपा और अन्य दलों जैसे झामुमो ने इस हफ्ते की शुरुआत में कोरोना के मद्देनजर झारखंड में सार्वजनिक स्थानों पर छठ पर्व पर प्रतिबंध लगाने के राज्य सरकार के कदम का विरोध किया था।

इससे पहले, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह की अध्यक्षता वाली एक समिति ने कहा था कि राज्य सरकार को लगता है कि नदी के किनारे छठ का धार्मिक अनुष्ठान करते समय सोशल डिस्टेंसिंग बरतना और मास्क पहनने के नियम का अनुपालन संभव नहीं है। इसके अलावा, उन्होंने कहा था कि सार्वजनिक स्नान आदि से कोरोनोवायरस संक्रमण का और प्रसार हो सकता है।

इस प्रकार, लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य मानदंडों का पालन करते हुए निजी परिसरों जैसे घरों की छतों पर छठ पूजा करने की सलाह दी गई थी।

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