JNU आज से चरणबद्ध तरीके से फिर से खुलने के लिए तैयार

पीएचडी छात्रों को परिसर में आने की अनुमति दी जा रही है ताकि वे 31 दिसंबर की निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी थीसिस पूरी कर सकें।
JNU आज से चरणबद्ध तरीके से फिर से खुलने के लिए तैयार

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) को चरणबद्ध तरीके से फिर से खोल दिया गया है, जहां सोमवार से पीएचडी और लैब की आवश्यकता वाले अन्य छात्रों को परिसर में आने की अनुमति है। शुरू में, परिसर 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खुलेगा।

पीएचडी छात्रों को परिसर में आने की अनुमति दी जा रही है ताकि वे 31 दिसंबर की निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी थीसिस पूरी कर सकें।

जेएनयू प्रशासन के अनुसार, विकलांग छात्रों को भी विश्वविद्यालय में आने की अनुमति होगी।

प्रशासन ने डॉ. बीआर अंबेडकर केंद्रीय पुस्तकालय को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खोलने का भी फैसला किया है।

इस बीच, मानसून सेमेस्टर की कक्षाएं और परीक्षाएं ऑनलाइन आयोजित की जाएंगी।

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) भी चरणबद्ध तरीके से कैंपस गतिविधियों को शुरू करने की योजना बना रहा है।

कैंपस को फिर से खोलने को लेकर यूनिवर्सिटी में हाई लेवल मीटिंग हो चुकी है।

हालांकि, विभिन्न विश्वविद्यालय उच्च कोविड संक्रमण दर (मुख्य रूप से केरल, पूर्वोत्तर और महाराष्ट्र) वाले राज्यों से आने वाले छात्रों के लिए अलग-अलग दिशानिर्देश बना रहे हैं।

इन राज्यों से आने वाले छात्रों की 72 घंटे की आरटी-पीसीआर निगेटिव रिपोर्ट के अलावा टीके की दोनों खुराक लेना अनिवार्य किए जाने की संभावना है।

दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने भी राष्ट्रीय राजधानी में स्कूल और कॉलेज खोलने की सिफारिश की है।

डीयू के कुलपति पी.सी. जोशी ने डीडीएमए की सिफारिश का स्वागत करते हुए कहा कि इससे विश्वविद्यालय को चरणबद्ध तरीके से फिर से खोलने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा, "डीयू में न केवल दिल्ली बल्कि देश और विदेश से भी छात्र शामिल हैं, इसलिए हमें इस पर विचार करना होगा कि उन सभी को कैसे शामिल किया जा सकता है।"

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