किरायानामा : किरायेदारों पर मालिक और मालिकों पर पुलिस हुई 'हावी'
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किरायानामा : किरायेदारों पर मालिक और मालिकों पर पुलिस हुई 'हावी'

हुकूमतों ने दो टूक कह-समझा दिया कि, 'लॉकडाउन' में मकान मालिक किरायेदारों से किराया न वसूलें। इसके बाद भी तमाम के ऊपर इस फरमान की जूं नहीं रेंगी। मकान मालिक दबी जुबान ही, किरायेदारों को किराया देने के लिए धमकाने-डराने लगे।

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हुकूमतों ने दो टूक कह-समझा दिया कि, 'लॉकडाउन' में मकान मालिक किरायेदारों से किराया न वसूलें। इसके बाद भी तमाम के ऊपर इस फरमान की जूं नहीं रेंगी। मकान मालिक दबी जुबान ही, किरायेदारों को किराया देने के लिए धमकाने-डराने लगे। कुछ लोग मकान मालिक के डर से सब कुछ सहते रहे। कुछ ऐसे भी लोग थे जिन्होंने, मकान मालिकों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। एक अनुमान के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी में अलग अलग स्थानों पर ऐसे मामलों में करीब 15 एफआईआर दर्ज की गयीं। यह सभी एफआईआर लॉकडाउन के दौरान की ही हैं। इनमें सबसे ज्यादा मामले उत्तर पश्चिम दिल्ली जिले के मुखर्जी नगर थाना क्षेत्र में दर्ज हुए। क्योंकि यहीं सबसे ज्यादा शिकायतकर्ता (किरायेदार) सामने आकर पुलिस के पास पहुंचे।

दक्षिणी जिला डीसीपी अतुल कुमार ठाकुर के मुताबिक, "हमने गली-गली घूम कर पहले ही मकान मालिकों को आगाह कर दिया था कि अगर, इस विपत्ति में कोई भी किरायेदार थाने-चौकी पहुंच गया तो मुकदमा मकान मालिक के खिलाफ शर्तिया दर्ज कर दिया जायेगा। हमारी शुरूआती सख्ती का नतीजा है कि जिले के किसी भी थाने में इससे संबंधित एक भी एफआईआर दर्ज होने की नौबत ही नहीं आई।"

दक्षिणी पूर्वी जिला डीसीपी आर.पी.मीणा ने कहा, "शुरू में मकान मालिकों को गली गली जाकर पुलिस का समझाया हुआ अभी तक कायम है। किसी भी किरायेदार ने कोई ऐसी शिकायत नहीं दी है, जिसमें मकान मालिक ने किराया मांगा हो या फिर किरायेदार का किसी और तरीके से उत्पीड़न किया हो।"

delhi police
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किराये के लिए किरायेदारों के उत्पीड़न के लिए सबसे ज्यादा मामले मिले हैं, उत्तर पश्चिचमी जिले में। यहां अब तक 9 मामले दर्ज हो चुके हैं। इसकी पुष्टि जिला पुलिस उपायुक्त विजयंता आर्या खुद भी करती हैं।

बकौल विजयंता आर्या, "हांलांकि इलाकाई थाना पुलिस दिन रात चौकसी बरतती है कि लॉकडाउन में, कहीं कोई मकान मालिक किराये के लिए किसी किरायेदार पर दबाब न बना पाये। चूंकि हमारे क्षेत्र में बहुतायत में पेंईग गेस्ट हाउस (पीजी) हैं। तमाम मकानों में कमरे लेकर प्रवासी छात्र-छात्राएं रह रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के लिए भी यहां आकर रहने वालों की बहुतायत है। जिन शिकायतों में मकान मालिक पर आरोप सही लगे उनमें तुरंत एफआईआर दर्ज कर दी। कुछ मामलों में मकान मालिकों को समझाया गया तो वे मान-समझ गये।"

डीसीपी गौरव शर्मा बताते हैं, "मैं खुद अब तक लॉकडाउन के दौरान 22 वीडियो काँफ्रेंसिंग मीटिंग जिले के उद्योगपतियों और बाकी तमाम एसोसियेशन के साथ कर चुका हूं। ताकि किरायेदार-मकान मालिक के बीच किराये को लेकर किसी तरह के झगड़े की शिकायतें आने की नौबत ही न आये।"

इसी तरह रोहिणी जिले के डीसीपी प्रमोद कुमार मिश्रा ने कहा, "बीट अफसर, एसएचओ और मकान मालिक को पहले ही बता दिया गया था कि, किसी भी कीमत पर किरायेदार से लॉकडाउन में किराया मांगने की कोई शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। अगर इस चेतावनी के बाद भी कोई मकान मालिक किराया मांगता दिखाई दे या शिकायत मिले तो एसएचओ को तुरंत मुकदमा दर्ज करने का निर्देश था। लिहाजा जिले में कोई ऐसी शिकायत अभी तक तो नहीं मिली है।"

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