कोविड केंद्र में बंदरों के खतरे का मुकाबला करने के लिए लंगूर के कटआउट

दिल्ली के छतरपुर में सरदार पटेल कोविड केयर सेंटर, राधा स्वामी ब्यास से बंदरों को दूर रखने के लिए लंगूर के कटआउट का इस्तेमाल किया गया है। इस सेंटर को देश का सबसे बड़ा कोविंड केयर सुविधा केन्द्र माना जाता है।
कोविड केंद्र में बंदरों के खतरे का मुकाबला करने के लिए लंगूर के कटआउट

दिल्ली के छतरपुर में सरदार पटेल कोविड केयर सेंटर, राधा स्वामी ब्यास से बंदरों को दूर रखने के लिए लंगूर के कटआउट का इस्तेमाल किया गया है। इस सेंटर को देश का सबसे बड़ा कोविंड केयर सुविधा केन्द्र माना जाता है।

भारत तिब्बत सीमा पुलिस दक्षिणी दिल्ली में स्थित 10,200 बिस्तरों वाली सुविधा में बंदरों के खतरे को रोकने का विचार लेकर आई है। पिछले साल 5 जुलाई को केंद्र के उद्घाटन के बाद से वहां पीपीई किट पहने मेडिकल स्टाफ को बंदरों की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। भारत के सात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) में से एक आईटीबीपी वहां पूरे ऑपरेशन को संभाल रहा है।

आईटीबीपी के प्रवक्ता विवेक पांडे ने आईएएनएस को बताया '' पिछले कुछ दिनों में, देखा गया है कि यहां बंदरों का समूह घूमता है। कभी कभी वो आक्रामक हो जाते हैं और कोविड देखभाल केंद्र की देखभाल के लिए तैनात कर्मियों पर हमला करने की कोशिश करते हैं, खासकर पीपीई किट में तैनात लोगों पर।''

पांडे ने कहा कि अंदर और आसपास बंदरों के खतरे का मुकाबला करने के लिए, आईटीबीपी ने कोविड देखभाल केंद्र के परिसर में लंगूर के कटआउट लगाए है।

अधिकारी ने कहा कि इन कटआउट को केंद्र के नए स्थानों पर प्रतिदिन बेतरतीब ढंग से घुमाया जाता है ताकि बंदर समूह यह अनुमान न लगा सकें कि ये स्थिर हैं और वास्तविक नहीं हैं।

केंद्र 1700 फीट लंबा और 700 फीट चौड़ा है मोटे तौर पर 20 फुटबॉल मैदानों के आकार का और प्रत्येक में 50 बिस्तरों के साथ 200 बाड़े है।

फरवरी में कोविड 19 सुविधा को बंद कर दिया गया था जब राजधानी में कोरोनावायरस के मामले काफी कम हो गए थे। मामलों में अभूतपूर्व वृद्धि को देखते हुए अप्रैल में इसे फिर से पुनर्जीवित किया गया।

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