Pulwama Encounter: पुलवामा में आतंकियों से मुठभेड़ जारी, लश्कर कमांडर उमर मुश्ताक सुरक्षा बलों के घेरे में

उमर मुश्ताक उन आतंकवादियों में शामिल है, जिन्हें इस साल अगस्त में पुलिस द्वारा एक हिटलिस्ट जारी किए जाने के बाद से सुरक्षा बल निशाना बना रहे हैं।
Pulwama Encounter: पुलवामा में आतंकियों से मुठभेड़ जारी, लश्कर कमांडर उमर मुश्ताक सुरक्षा बलों के घेरे में

जम्मू-कश्मीर में पुलवामा के पंपोर इलाके में आतंकियों और सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ जारी है। इस बीच कश्मीर के आईजी विजय कुमार ने बताया है कि सुरक्षा बलों के साथ पंपोर में जारी मुठभेड़ में लश्कर कमांडर उमर मुश्ताक घिर गया है। उमर मुश्ताक उन आतंकवादियों में शामिल है, जिन्हें इस साल अगस्त में पुलिस द्वारा एक हिटलिस्ट जारी किए जाने के बाद से सुरक्षा बल निशाना बना रहे हैं।

दो पुलिसकर्मियों की हत्या में शामिल है उमर मुश्ताक

पुलिस महानिरीक्षक (कश्मीर) विजय कुमार ने ट्वीट किया कि उमर मुश्ताक इस साल की शुरुआत में श्रीनगर जिले के बघाट में दो पुलिसकर्मियों की हत्या की घटना में कथित रूप से शामिल था। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘श्रीनगर के बघाट में दो पुलिसकर्मियों की हत्या और आतंकवाद से जुड़े अन्य अपराधों में शामिल शीर्ष 10 आतंकवादियों में शामिल लश्कर का कमांडर उमर मुस्ताक खांडे पंपोर में फंसा है।’’

आतंकियों के खिलाफ सबसे बड़ी मुहिम शुरू

बता दें कि जम्मू-कश्मीर में सेना ने आतंकियों के खिलाफ सबसे बड़ी मुहिम शुरू कर दी है। एक तरफ पुंछ के जंगलों में छिपे सेना के जवान आतंकियों से लोहा ले रहे हैं, तो दूसरी तरफ आम लोगों को निशाना बनाने वाले आतंकियों को ढेर कर रहे हैं। कल दो जवानों की शहादत के बाद सुरक्षाबलों ने अलग-अलग जगहों पर 2 आतंकियों को ढेर कर साफ कर दिया है कि आतंक पर करारी चोट की पुख्ता तैयारी है। हालांकि पुंछ में पिछले 5 दिनों से जारी एनकाउंटर में अब तक 7 जवान शहीद हो चुके हैं।

नए तरीके से घातक हमले कर रहे सीमा पार से आए आतंकी

जानकारी मिल रही है कि एलओसी से सटे राजोरी और पुंछ जिलों की सीमा पर जंगल में छिपे आतंकी नए तरीके अपनाकर हमले कर रहे हैं। चार दिन में आतंकी दो अलग-अलग जगह घात लगाकर किए गए हमलों में दो जेसीओ समेत आठ जवानों को शहीद कर चुके हैं। खुफिया सूत्रों के अनुसार पांच दिन से ऑपरेशन चल रहा है। आतंकियों ने दो हमले किए और दोनों ही बार सेना को ही नुकसान पहुंचा है।

यह दर्शाता है कि आतंकियों ने इस तरह के हमलों की खास ट्रेनिंग ले रखी है। सोमवार को पहले हमले में जेसीओ समेत पांच जवान शहीद हो गए थे। पहले हमले वाली जगह से दूसरे हमले का स्थान एलओसी की ओर पड़ता है। यानी हमलावर आतंकी कश्मीर की ओर नहीं बल्कि वापस एलओसी की दिशा में आकर छिप गए हैं। ऐसे में मेंढर के जंगलों में आतंकियों के ठिकाने होने की आशंका है।

पुंछ और राजौरी के बीच हैं डेरा की गली की पहाड़ियां

दरअसल पुंछ और राजौरी के बीच डेरा की गली की पहाड़ियां है। जहां एनकाउंटर चल रहा है, पूंछ के बाद POK शुरु होता है जहां बालाकोट इलाके मे पाकिस्तान ने आतंकियों के लॉन्च पैड बना रखे हैं। आतंकी इन्ही लॉन्च पैड से पुंछ में दाखिल होते हैं और फिर डेरा की गली की पहाड़ियों में आकर छिप जाते हैं, जिसके बाद वो आसानी से राजौरी या श्रीनगर में दखिल हो सकते हैं। आतंकी राजौरी या श्रीनगर तक न पहुंचे, इसलिए सेना की कोशिश उन्हें डेरा की गली की पहाड़ियों में ही रोक लेने की होती है, इस बार भी सेना ने यही किया है।

शार्प शूटर भी हैं आतंकी

अभी तक सामने आ रही सूचनाओं के अनुसार इन आतंकियों के शार्प शूटर होने की आशंका है। शहीद हुए जवानों के शरीर के ऊपरी हिस्से (सिर, गर्दन) को निशाना बनाकर फायरिंग की गई है। सूचनाएं हैं कि यह आतंकी पाकिस्तानी हैं, जिन्हें सामान्य मोडस ओपरांडी से हटकर ट्रेनिंग दी गई है।

Keep up with what Is Happening!

Related Stories

No stories found.
Best hindi news platform for youth. हिंदी ख़बरों की सबसे तेज़ वेब्साईट
www.yoyocial.news