लॉकडाउन 4.0: सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए किराया सीमा तय की, सोशल डिस्टेंसिंग के नाम पर बीच वाली सीट खाली नहीं रहेगी
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लॉकडाउन 4.0: सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए किराया सीमा तय की, सोशल डिस्टेंसिंग के नाम पर बीच वाली सीट खाली नहीं रहेगी

घरेलू उड़ानों के लिए कई शर्तें होंगी, हालाँकि सोशल डिस्टेंसिंग पर इतना जोर देने वाली सरकार ने विमानों के अंदर ऐसा कोई फार्मूला लागू करने पर जोर नहीं दिया है, कि हर पंक्ति की बीच वाली सीट खाली रखी जाए. मंत्री ने भी साफ कर दिया कि ऐसा कोई इरादा नहीं है

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लम्बे लॉकडाउन के बाद अब जब 25 मई से घरेलू विमान सेवा शुरू होने जा रही है, सरकार ने इसके लिए कुछ खास दिशानिर्देश तय कर दिए हैं. किराये की अपर लिमिट यानी अधिकतम सीमा भी तय कर दी है. इस दौरान कई तरह के नियम और शर्तें लागू होंगी, जिनका सख्ती से पालन करना होगा. हालाँकि सोशल डिस्टेंसिंग पर इतना जोर देने के इस दौर में भी सरकार ने विमानों के अंदर ऐसा कोई फार्मूला लागू करने पर जोर नहीं दिया है. पहले माना जा रहा था कि हर पंक्ति की बीच वाली सीट खाली रखेगी जाएगी, लेकिन नागरिक उड्डयन मंत्री ने ये साफ़ कर दिया कि ऐसा कोई इरादा नहीं है, क्योंकि इससे किराया बढ़ जायेगा.

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी ने घरेलू उड़ानों को लेकर आज भी प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बताया कि सरकार की तरफ से टिकटों के दाम की अधिकतम सीमा तय कर दी गई, जिसका पालन सभी एयरलाइंस को करना होगा.

विमान में बीच की सीट खाली रखने के सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अभी बीच की सीट खाली रखने को ऐसा कोई नियम नहीं है, लेकिन विमान में हर तरह के अन्य नियमों का पालन किया जाएगा

हरदीप पुरी ने कहा कि ‘वंदे भारत मिशन’ के तहत अभी तक 20 हजार भारतीयों को वापस लाया जा चुका है. हालांकि, कुछ देश लोगों को वापस लाने की इजाजत नहीं दे रहे हैं, ऐसे में परेशानी आ रही है. मंत्री बोले कि अभी लोगों को वापस लाने की रफ्तार बढ़ेगी.

मेट्रो-नॉन मेट्रो शहर के लिए अलग नियम होंगे

हरदीप पुरी ने कहा कि उड़ानों को लेकर ‘मेट्रो टू मेट्रो’ शहरों में कुछ नियम होंगे, ‘मेट्रो टू नॉन मेट्रो’ शहर के लिए अलग नियम होंगे. मेट्रो शहरों में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई जैसे शहर शामिल होंगे. पुरी ने बताया कि शुरुआती तौर पर एयरपोर्ट का एक तिहाई हिस्सा ही शुरू होगा, किसी भी फ्लाइट में खाना नहीं दिया जाएगा. सिर्फ 33 फीसदी विमानों को उड़ान की इजाजत दी गई है.

उन्होने बताया कि सरकार की तरफ से अगस्त तक के लिये टिकट के कुछ दाम तय कर दिए गए हैं. कुछ शर्तें लगाईं गई है ताकि किराया मनमाना न वसूला जा सके. उदाहरण के तौर पर दिल्ली से मुंबई फ्लाइट के लिए कम से कम 3500 रुपये-अधिकतम 10 हजार रुपये तय किया गया है. इसी के तहत कंपनियों को दाम तय करने होंगे. सभी कंपनियों को करीब चालीस फीसदी सीटें अधिकतम-न्यूनतम दाम के बीच के दाम पर देनी होंगी. दाम का ये सिस्टम अगस्त तक जारी रहेगा. अभी पहला फेज़ अगस्त तक जारी रहेगा.

आरोग्य सेतु ऐप रखना अनिवार्य

हरदीप पुरी (Hardeep Puri) ने बताया कि उड़ान के लिए हर किसी को आरोग्य सेतु ऐप रखना अनिवार्य होगा.

सात रूट में विभाजन

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश के रूट को सात रूट में बांटा जाएगा, जिसमें 30 मिनट, 40 मिनट, 60 मिनट, 90 मिनट, 120 मिनट, 150 मिनट, 180 मिनट और 210 मिनट के रूट में बांटा गया है.

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