1 जुलाई से खुल जाएंगे गुरूग्राम के शॉपिंग मॉल्स के ताले, लेकिन इस शहर को अब भी करना होगा इंतजार...
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1 जुलाई से खुल जाएंगे गुरूग्राम के शॉपिंग मॉल्स के ताले, लेकिन इस शहर को अब भी करना होगा इंतजार...

गुरुग्राम जिला प्रशासन ने कहा कि वह कुछ प्रतिबंधों के साथ मॉल को फिर से खोलने पर राज्य सरकार के फैसले को लागू करेगा. जबकि फरीदाबाद प्रशासन सोमवार को एक बैठक में इस मामले पर अंतिम फैसला लेगा.

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कोरोना भले ही देश में अपने चरम पर है लेकिन देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार ने लॉकडाउन में थोड़ी ढ़ील दे दी है, जिसके बाद राज्य सरकारों ने राज्यों के लिए अलग-अलग फैसले लिए. इसी के साथ हरियाणा सरकार ने लॉकडाउन के तीन महीने बाद एक जुलाई से गुरुग्राम और फरीदाबाद में शॉपिंग मॉल (Shopping Mall) खोलने की अनुमति दे दी है.

गुरुग्राम जिला प्रशासन ने कहा कि वह कुछ प्रतिबंधों के साथ मॉल को फिर से खोलने पर राज्य सरकार के फैसले को लागू करेगा. जबकि फरीदाबाद प्रशासन सोमवार को एक बैठक में इस मामले पर अंतिम फैसला लेगा. शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में गुरुग्राम और फरीदाबाद के जिला प्रशासनों को मॉल फिर से खोलने की अनुमति दी गई है. हरियाणा सरकार पहले गुरुग्राम और फरीदाबाद को छोड़कर, राज्य भर में 7 जून से मॉल को फिर से खोलने की अनुमति दे चुकी है. इन दोनों जिलों में कोविड-19 के मामले अधिक हैं. गुरुग्राम के जिला आयुक्त अमित खत्री ने कहा कि प्रशासन मॉल खोलने पर राज्य सरकार के आदेश को लागू करेगा. जबकि फरीदाबाद के जिला आयुक्त यशपाल यादव ने कहा कि जिला प्रशासन इस मामले पर अंतिम निर्णय सोमवार को होने वाली बैठक में लेगा.

शनिवार को जारी स्वास्थ्य विभाग के एक बुलेटिन के अनुसार, राज्य के कुल 13,427 कोविड-19 मामलों में से 5,070 मामले गुरुग्राम में हैं. जबकि फरीदाबाद में 3,325 मामले हैं. इसके अलावा राज्य में संक्रमण के कारण हुई 218 मौतों में से 83 गुरुग्राम में और 71 फरीदाबाद में हुई हैं.

गुरुग्राम जिले में बढ़ रहे कोरोना के आकड़ोंं ने स्वास्थ्य विभाग की सुविधाओं पर सवाल खड़ा कर दिया है. वहीं स्वास्थ्य विभाग भी इन आंकड़ों को देखकर परेशान है. गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग के पीआरओ डॉक्टर जय प्रकाश की मानें तो युवा ज्यादातर घर से बाहर एक दूसरी जगहों पर आते जाते रहते हैं जिसके कारण ज्यादातर युवा ही इस बीमारी का शिकार हो रहे है. तो वहीं मरने वाले आकड़ोंं पर भी पीआरओ का कहना है कि इस बीमारी से मरने वाले लोगों में ज्यादातर डायबिटीज जैसी बीमारियों के रोगी हैं.

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