कल से शुरू होगा संसद का मॉनसून सत्र, नहीं होगी सर्वदलीय बैठक, टूटेगी 20 सालों की परंपरा
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कल से शुरू होगा संसद का मॉनसून सत्र, नहीं होगी सर्वदलीय बैठक, टूटेगी 20 सालों की परंपरा

लोकसभा और राज्यसभा सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक दोनों सदनों की कार्यवाही अलग-अलग पालियों में सुबह 9 बजे से 1 बजे तक और 3 बजे से 7 बजे तक चलेगी. शनिवार तथा रविवार को भी संसद की कार्यवाही जारी रहेगी.

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संसद का मॉनसून सत्र सोमवार से प्रारंभ हो रहा है. मगर, सत्र शुरू होने से पहले इस बार कोई सर्वदलीय बैठक नहीं होगी.किसी भी सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक की एक परंपरा रही है. लेकिन, पिछले 20 सालों की ये परंपरा सोमवार को टूट जाएगी. रिपोर्ट्स की माने तो लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और विपक्षी नेताओं के बीच बढ़ती दूरियों के चलते ऐसा नहीं हो पा रहा है. इस बार के सत्र में विपक्ष की ओर से भारत-चीन विवाद, कोरोना वायरस और अर्थव्यवस्था के मुद्दे उठाये जा सकते हैं.

लोकसभा और राज्यसभा सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक दोनों सदनों की कार्यवाही अलग-अलग पालियों में सुबह 9 बजे से 1 बजे तक और 3 बजे से 7 बजे तक चलेगी. शनिवार तथा रविवार को भी संसद की कार्यवाही जारी रहेगी. संसद सत्र की शुरुआत 14 सितंबर को होगी और इसका समापन 1 अक्टूबर को प्रस्तावित है. सिर्फ पहले दिन को छोड़कर राज्यसभा की कार्यवाही सुबह की पाली में चलेगी जबकि लोकसभा शाम की पाली में बैठेगी.

राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने 14 सितंबर से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र से पहले शुक्रवार को कोविड-19 जांच करायी. राज्यसभा के सभी सदस्यों के लिए सत्र में भाग लेने से पहले प्रत्येक सदस्य को कोविड-19 (आरटी-पीसीआर) परीक्षण कराना जरूरी है. सदस्यों से कहा गया है कि वे सत्र शुरू होने से पहले 72 घंटों के अंदर अपनी जांच कराएं. वे संसद भवन परिसर में या सरकार द्वारा अधिकृत किसी अस्पताल या लैब में अपनी जांच करा सकते हैं.

बता दें साल 2017 में देश की सुरक्षा का हवाला देकर मोदी सरकार ने डोकलाम पर चर्चा कराने से इनकार कर दिया था. इस बार के सत्र से प्रश्नकाल को भी हटा दिया गया है. मार्च के महीने में लॉकडाउन के ऐलान के कुछ दिन पहले ही संसद का सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था. इस साल जून के महीने में भारत और चीन के बीच गलवान घाटी में हिंसक झड़प हुई थी. इस दौरान भारत के 20 सैनिक शहीद हो गए थे. ऐसे में विपक्ष ये मुद्दा इस बार के सत्र में जोरशोर से उठाने की तैयारी में है.

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