मप्र को सात कंपनियों से मिले एक लाख 88 हजार रेमडेसीविर इंजेक्शन

मप्र को सात कंपनियों से मिले एक लाख 88 हजार रेमडेसीविर इंजेक्शन

मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं मरीजों के उपचार के लिये राज्य शासन द्वारा व्यापक स्तर पर प्रबंध किए जा रहे हैं। आवश्यक दवाओं एवं उपकरणों के साथ रेमडेसीविर इंजेक्शन की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है।

मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं मरीजों के उपचार के लिये राज्य शासन द्वारा व्यापक स्तर पर प्रबंध किए जा रहे हैं। आवश्यक दवाओं एवं उपकरणों के साथ रेमडेसीविर इंजेक्शन की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है।

प्रदेश में अब तक सात विभिन्न कंपनियों से रेमडेसीविर इंजेक्शन के एक लाख 88 हजार से अधिक डोज प्राप्त हुए हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने बताया कि भारत सरकार द्वारा प्रदत्त स्वीकृति के अनुसार 30 अप्रैल तक मध्य प्रदेश को इंजेक्शन के 95 हजार डोज प्राप्त होने की सम्भावना है। प्रदेश के लिए इस कोटे को बढ़ाकर एक लाख 50 हजार डोज करने का अनुरोध भारत सरकार से किया गया है।

मुख्यमंत्री चैहान ने बताया कि रेमडेसीविर इंजेक्शन की आपूर्ति प्रदेश के उन निजी अस्पतालों में भी निशुल्क करने का निर्णय लिया गया है, जो सरकार के साथ अनुबंधित हैं। जो अस्पताल सरकार से अनुबंधित नहीं है, उन्हें इंजेक्शन प्राप्त करने के लिए इंजेक्शन की राशि 1,568 रुपये प्रति इंजेक्शन रेड क्रास में जमा करानी होगी। रेमडेसीविर इंजेक्शन के उपयोग का क्लीनिकल प्रोटोकॉल भी जारी कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री चैहान ने बताया कि सभी जिलों को दवाएं क्रय करने के लिये 13 करोड़ 64 लाख रुपए से अधिक का आवंटन जारी किया गया है। दवाइयों की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करने और उन्हें रासुका में जेल भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

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