हौसले बुलंद: पिता जैसा कोई नहीं! बेटे को परीक्षा दिलाने आगरा से भोपाल के बीच बदली 8 बसें
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हौसले बुलंद: पिता जैसा कोई नहीं! बेटे को परीक्षा दिलाने आगरा से भोपाल के बीच बदली 8 बसें

पिता बेटे का सपना पूरा करना चाहता है और उसे सेना में भेजने के लिए हर समस्या का सामना करने को तैयार है तभी तो आगरा से भोपाल तक परीक्षा दिलाने के लिए उसने आठ बसें बदली, मगर परीक्षा देने का मौका हाथ से नहीं जाने दिया।

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पिता बेटे का सपना पूरा करना चाहता है और उसे सेना में भेजने के लिए हर समस्या का सामना करने को तैयार है तभी तो आगरा से भोपाल तक परीक्षा दिलाने के लिए उसने आठ बसें बदली, मगर परीक्षा देने का मौका हाथ से नहीं जाने दिया। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा (यूपीएससी) द्वारा आयोजित नेशनल डिफेंस एकेडमी और नेवल एकेडमी के लिए रविवार को परीक्षा आयोजित की गई।

इस परीक्षा में हिस्सा लेने के लिए केंद्रों तक पहुंचना परीक्षार्थियों के लिए बड़ी चुनौती था, क्योंकि कोरोना महामारी के कारण सार्वजनिक परिवहन सेवाएं सुचारु रूप से नहीं चल रही है। आगरा के मनोज कुमार को बेटे गोविंद को परीक्षा दिलाने के लिए काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

आगरा से भोपाल की दूरी लगभग साढ़े पांच सौ किलो मीटर की है। बस से लगभग 10 घंटे लगते है, जबकि ट्रेन से महज छह घंटों में यह रास्ता तय हो सकता है। मनोज कुमार जब बेटे को परीक्षा दिलाने के लिए भोपाल के लिए निकले, तो ट्रेन नहीं मिली और उन्हें बस का साधन मिला। मनोज बताते हैं कि वे आगरा से भेापाल तक आठ बसें बदलते हुए पहुंचे। उन्हें सुकून इस बात का है कि बेटे को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने में सफल रहे।

ज्ञात हो कि एनडीए की परीक्षा रविवार को हुई है। इस परीक्षा के लिए मनोज के बेटे गोविंद ने भोपाल सेंटर चुना था। यहां तक आना समस्या था, मगर उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।

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