'रेल रोको' आंदोलन को देखते हुए उत्तर रेलवे ने कई ट्रेनों को किया रद्द
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'रेल रोको' आंदोलन को देखते हुए उत्तर रेलवे ने कई ट्रेनों को किया रद्द

उत्तर रेलवे के प्रवक्ता दीपक कुमार ने कहा, "पंजाब में किसानों के विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए उत्तर रेलवे ने 25 से 26 सितंबर तक तीन ट्रेनों की सेवाओं को रद्द करने का फैसला लिया है।"

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संसद में कृषि विधेयकों को पारित किए जाने के बाद किसानों द्वारा देश के कुछ हिस्से में तीन दिवसीय 'रेल रोको' आंदोलन का आह्वान किया है, जिसके चलते उत्तर रेलवे ने तीन ट्रेनों को पूरी तरह से रद्द कर दिया है और 20 विशेष ट्रेनें आशिंक रूप से रद्द की गई हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी है।

उत्तर रेलवे के प्रवक्ता दीपक कुमार ने कहा, "पंजाब में किसानों के विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए उत्तर रेलवे ने 25 से 26 सितंबर तक तीन ट्रेनों की सेवाओं को रद्द करने का फैसला लिया है।" उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर 26 सितंबर तक फिरोजपुर रेलवे डिवीजन में ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।

रद्द की गई ट्रेनों में हरिद्वार-अमृतसर जन शताब्दी एक्सप्रेस, नई दिल्ली-जम्मू तवी राजधानी एक्सप्रेस, अमृतसर-हरिद्वार जन शताब्दी एक्सप्रेस शामिल हैं।

तीन ट्रेनों को रद्द करने के अलावा नॉर्दर्न रेलवे ने 20 स्पेशल ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द किया है, जिनमें मुंबई सेंट्रल-अमृतसर स्वर्ण मंदिर एक्सप्रेस अंबाला कैंट तक, न्यू जलपाईगुड़ी-अमृतसर करम भूमि एक्सप्रेस अंबाला कैंट तक, बांद्रा टर्मिनस-अमृतसर एक्सप्रेस अंबाला कैंट तक, शामिल हैं। जबकि नांदेड़-अमृतसर को नई दिल्ली तक आंशिक रूप से रद्द किया गया है, जय नगर-अमृतसर सरयू यमुना एक्सप्रेस को अंबाला कैंट तक रद्द किया गया है और इसके अलावा भी सूची में कई ट्रेनें शामिल हैं।

उत्तर रेलवे ने किसानों के विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए दो ट्रेनों के मार्ग भी बदले हैं और पांच विशेष पार्सल ट्रेनें आंशिक रूप से रद्द की है। पंजाब के कुछ हिस्सों में किसान रेल की पटरियों पर बैठकर बिल का विरोध जता रहे हैं।

हाल ही में समाप्त हुए संसद के मानसून सत्र के दौरान दोनों सदनों ने किसान उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अध्यादेश, 2020 को पारित कर दिया और मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा अध्यादेश, 2020 पर किसान (सशक्तिकरण और संरक्षण) समझौते को भी मंजूरी दे दी। संसद ने आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम को भी पारित कर दिया है। इन विधेयकों को पारित किए जाने के बाद कई किसान संगठन देश के कुछ हिस्सों में जमकर प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस ने भी किसानों के विरोध प्रदर्शनों को अपना समर्थन दिया है।

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