चीन की तीन मोबाइल कंपनियों को कर चोरी के लिए नोटिस जारी किए गए: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण

चीन की तीनों मोबाइल निर्माता कंपनियों को सरकार की ओर से नोटिस जारी किया गया है। वित्त मंत्री ने ये बातें राज्यसभा में सवालों का जवाब देने के दौरान कही है।
चीन की तीन मोबाइल कंपनियों को कर चोरी के लिए नोटिस जारी किए गए: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण

टैक्स चोरी मामले में चीन की तीन मोबाइल कंपनियों को सरकार ने नोटिस जारी किया है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सरकार चीन की तीन मोबाइल कंपनियों पर लगे टैक्स चोरी के आरोपों पर नजर बनाए हुए है।

चीन की तीनों मोबाइल निर्माता कंपनियों को सरकार की ओर से नोटिस जारी किया गया है। वित्त मंत्री ने ये बातें राज्यसभा में सवालों का जवाब देने के दौरान कही है।

राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि चीन की ये तीन कंपनियां ओप्पो, वीवो इंडिया और शाओमी हैं।

डीआरआई ने चीन की मोबाइल कंपनियों को जारी किया है नोटिस

उन्होंने कहा, ‘डीआरआई (Department of Revenue Intelligence) ने चीन की कंपनी ओप्पो को 4389 करोड़ रुपये के कस्टम ड्यूटी के संबंध में नोटिस जारी किया गया है। यह मामला देश में आयात की गई कुछ वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी नहीं चुकाने और सरकार को गलत जानकारी देने से जुड़ा है।’ वित्तमंत्री ने कहा, ‘हमारा मानना है कि इस मामले में करीब 2981 करोड़ रुपये की ड्यूटी चोरी की गई है।

शाओमी को 653 करोड़ रुपये की ड्यूटी देनदारी मामले में भेजा गया नोटिस

वित्त मंत्री ने राज्यसभा में कहा कि चीन की दूसरी मोबाइल निर्माता कंपनी शाओमी को 653 करोड़ रुपये की ड्यूटी की देनदारी के सिलसिले में तीन नोटिस जारी किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि कपंनी ने अपनी कुल ड्यूटी की देनदारी में सिर्फ 48 लाख रुपये जमा कराए हैं।

वित्त मंत्री ने कहा चीन की जिन कंपनियों को नोटिस जारी किया गया उनमें तीसरी कंपनी वीवो इंडिया है। कंपनी से 2217 करोड़ रुपये की टैक्स ड्यूटी भुगतान के संबंध में जवाब मांगा गया है, जिसमें उन्होंने सिर्फ 60 करोड़ रुपये जमा कराए हैं।

संदिग्ध डिजिटल लोन एप्स पर भी हो रही कार्रवाई

वित्तमंत्री ने राज्यसभा में कहा, ‘सरकार संदिग्ध डिजिटल लोन एप्स पर भी कार्रवाई कर रही है। इनमें वे एप्स भी शामिल हैं जो देश के बाहर से संचालित किए जाते हैं। हम देश में उन एप्स को चलाने वालों की मदद करने वाले भारतीयों के खिलाफ भी कार्रवाई कर रहे हैं।’ वित्तमंत्री ने कहा, ‘ज्यादातर संदिग्ध डिजिटल लोन एप्स चीन की कंपनियों के सहयोग से चल रहे हैं जो लोन बांटने में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की गाइडलाइन का पालन नहीं करते है।’

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