एक महिला के तीन नाम, पति भी तीन, दो बार बनी हिंदू.. तीसरे ने दी खौफनाक मौत.. पढ़ें अजीबोगरीब हादसा

गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार के वृंदावन एन्क्लेव में 25 दिसंबर की शाम को भव्या शर्मा (35) की हत्या उसके ही पति विनोद शर्मा ने चाकू घोंपकर की थी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
एक महिला के तीन नाम, पति भी तीन, दो बार बनी हिंदू.. तीसरे ने दी खौफनाक मौत.. पढ़ें अजीबोगरीब हादसा

गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार के वृंदावन एन्क्लेव में 25 दिसंबर की शाम को भव्या शर्मा (35) की हत्या उसके ही पति विनोद शर्मा ने चाकू घोंपकर की थी।

पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ में खुलासा हुआ कि भव्या की तीन शादी हुई थी। वह विनोद के साथ रहते हुए भी दूसरे पति अनीश के साथ रिश्ते रखती थी।

24 दिसंबर को वीडियो कॉल पर विनोद ने उसे अनीश के साथ देख लिया था। इसी पर उसे साजिश रचकर 25 को हत्या कर दी और पुलिस को गुमराह करने के लिए झूठ बोल दिया कि वह ज्यादा शराब पीने से मरी है।

विनोद ने ही 26 की सुबह पहले भव्या के मायके में और फिर विजयनगर थाने में इसकी सूचना दी थी। भव्या का शव घर में ही बिस्तर पर पड़ा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि उसकी हत्या पेट में चाकू घोंपकर की गई थी। इस पर पुलिस का माथा ठनक गया, आखिर विनोद ने झूठ क्यों बोला? उससे पूछताछ हुई तो उसने सच उगल दिया।

एसीपी अंशु जैन ने बताया कि विनोद को शक था कि भव्या के अनीश से रिश्ते हैं। वह आयुर्वेदिक दवाओं की सप्लाई चेन से जुड़ी थी। इसी के सिलसिले में अक्सर इंदौर और जबलपुर जाती थी। 24 को भी वह गई हुई थी।

विनोद ने पूछताछ में बताया कि 24 को भव्या ने वीडियो कॉल की। इसमें उसके साथ अनीश भी नजर आया। अनीश ने उसे धमकी दी कि वह गाजियाबाद छोड़कर चला जाए वरना उसे जिंदा नहीं छोड़ेगा। तभी उसने हत्या की ठान ली थी।

एसीपी ने बताया कि विनोद खुद कोई रोजगार नहीं करता है। भव्या की कमाई से ही घर चल रहा था। भव्या के भाई टीपू ने विनोद के खिलाफ विजयनगर थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।

विनोद ने बताया कि वह और भव्या अक्सर साथ में शराब पीते थे। 25 की सुबह को भव्या घर लौटी थी। दोनों सुबह से ही शराब पीने बैठ गए। साजिश के तहत वह खुद कम पी रहा था और भव्या को ज्यादा पिला रहा था।

शाम होते-होते वह पूरी तरह नशे में हो गई और बिस्तर पर लेट गई। घर में आदिल मौजूद था। उसने उसे पैसे देकर कहा कि बाजार से खिलौना ले आए। उसके जाते ही उसने भव्या के पेट में चाकू घोंप दिया। भव्या का ऑपरेशन हो चुका था।

टांके लगने वाली जगह के पास ही सब्जी काटने वाला चाकू मारा ताकि पुलिस ऑपरेशन का निशान समझे। आदिल लौटा तो उससे कह दिया कि मम्मी सो गई है, परेशान न करे।

विनोद ने हत्या के बाद भव्या के खून से सने कपड़े बदल दिए। बिस्तर से खून साफ कर दिया। तौलिए से शव को पोंछ दिया।

इसके बाद भव्या के कपड़े धो दिए और सुखाने के लिए डाल दिए। तौलिया और मोबाइल वाशिंग मशीन के पीछे छिपा दिया था। चाकू को कमरे में अलमारी के पीछे फेंक दिया था। पुलिस ने चाकू बरामद कर लिया।

भव्या का जन्म बिहार के सीतामढ़ी में मुस्लिम परिवार में हुआ था। उसका नाम बेबी था। उसका परिवार गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार में आकर रहने लगा। उसने तीन शादी कीं। तीनों प्रेम विवाह थे। दो शादी हिंदू युवकों से हुईं और एक मुस्लिम से। हर शादी में उसने नाम बदला।

पहली शादी के बाद बेबी से बदलकर अंजली कर लिया। दूसरी के बाद अफसाना हो गई। तीसरी के बाद भव्या बन गई।

उसकी पहली शादी 2004 में दिल्ली के युवक योगेंद्र कुमार से हुई। शादी के बाद नाम रखा अंजली। दोनों का एक बेटा हुआ जिसका नाम निहाल है और उम्र 16 साल। वह पिता के साथ रहता है। अंजली और योगेंद्र 13 साल साथ रहने के बाद अलग हो गए थे।

योगेंद्र से अलग होने के बाद वह दिल्ली के ही अनीश के संपर्क में आई। नाम बदलकर अफसाना रख लिया। दोनों का निकाह 2017 में हुआ। दोनों का एक बेटा है जिसका नाम है आदिल और उम्र आठ साल। शादी के डेढ़ साल बाद अफसाना और अनीश अलग हो गए। आदिल मां के साथ रहने लगा।तीसरा पति बना विनोद अनीश से अलग होने के बाद अफसाना गुरुग्राम के निवासी विनोद शर्मा के संपर्क में आई। दोनों ने 2019 में शादी कर ली। शादी के बाद अफसाना से नाम बदलकर भव्या रख लिया। दोनों की कोई संतान नहीं है।

Keep up with what Is Happening!

Related Stories

No stories found.
Best hindi news platform for youth. हिंदी ख़बरों की सबसे तेज़ वेब्साईट
www.yoyocial.news