चेन्नई : रेमडेसिविर के लिए दिन भर कतार में रहने के बाद लोग खाली हाथ लौटे

चेन्नई : रेमडेसिविर के लिए दिन भर कतार में रहने के बाद लोग खाली हाथ लौटे

चेन्नई के किलपॉक मेडिकल कॉलेज में सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक लंबी कतार में खड़े कई लोगों को शुक्रवार को रेमडेसिविर का इंतजार था, लेकिन इन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। किलपॉक मेडिकल कॉलेज प्रत्येक दिन शाम पांच बजे बंद हो जाता है।

चेन्नई के किलपॉक मेडिकल कॉलेज में सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक लंबी कतार में खड़े कई लोगों को शुक्रवार को रेमडेसिविर का इंतजार था, लेकिन इन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। किलपॉक मेडिकल कॉलेज प्रत्येक दिन शाम पांच बजे बंद हो जाता है।

यहां लोगों और अस्पताल कर्मचारियों के बीच तीखी बहस भी होती रहती है। किलपॉक मेडिकल कॉलेज के सामने लंबी कतारें सुबह 5 बजे शुरू होती हैं, लेकिन दोनों काउंटर केवल सुबह 9 बजे खुलते हैं और रोजाना लगभग 500 लोगों को दवाइयां दी जाती हैं, हालांकि 2,500 से ज्यादा लोग दवा के लिए काउंटरों पर पहुंचते हैं।

एम सेल्वसुब्रमण्यम, 49, जो तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले के हैं, सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक कतार में खड़े थे। शुक्रवार को पूरे दिन कतार में खड़े होने के बावजूद उन्हें दवाई नहीं मिल पाई, जिससे वह निराश हो गए।

आईएएनएस से बात करते हुए, वे कहते हैं, "मैं सुबह से शाम तक खड़ा था, लेकिन खाली हाथ लौटना पड़ा। चेन्नई में एक वालंटियर संगठन ने मुझे बताया है कि वे स्वयंसेवकों को कतार में खड़े होने और मुझे दवा दिलाने में मदद कर सकते हैं। वे मुझसे प्रति दिन 1500 रुपये मांग रहे हैं और मैं इसका भुगतान करूंगा।"

Keep up with what Is Happening!

No stories found.
Best hindi news platform for youth
www.yoyocial.news