Russia-Ukraine War: यूक्रेन संकट पर पीएम मोदी ने की उच्चस्तरीय बैठक, भारत की सुरक्षा तैयारियों का लिया जायजा

इससे पहले 28 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई थी। बैठक में पीएम मोदी ने कहा था कि भारत जंग में फंसे अपने पड़ोसी और विकासशील देशों के लोगों की मदद जारी रखेगा।
Russia-Ukraine War: यूक्रेन संकट पर पीएम मोदी ने की उच्चस्तरीय बैठक, भारत की सुरक्षा तैयारियों का लिया जायजा

यूक्रेन में रूस के हमले का आज 18वां दिन है. अब तक तबाही जारी है। यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूस की सेना का लगातार हमला जारी है। यूक्रेन में चल रहे युद्ध को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की सुरक्षा तैयारियों और मौजूदा वैश्विक परिदृश्य की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस जयशंकर भी इस बैठक में शामिल हुए। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।

'ऑपरेशन गंगा' अभियान के तहत 19 हजार नागरिकों की वापसी

इससे पहले 28 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई थी। बैठक में पीएम मोदी ने कहा था कि भारत जंग में फंसे अपने पड़ोसी और विकासशील देशों के लोगों की मदद जारी रखेगा। रूस-यूक्रेन जारी युद्ध के चलते भारत के नागरिक वहां फंसे हुए थे, जिसमें ज्यादातर छात्र थे। इन्हें निकालने के लिए भारत ने 'ऑपरेशन गंगा अभियान' चलाया है। भारत ने मिशन 'ऑपरेशन गंगा' के तहत अपने करीब 19,000 नागरिकों की वतन वापसी कराई है।

बता दें कि रूस लगातार यूक्रेन के अलग-अलग शहरों को निशाना बना रहा है. बम के गोले और मिसाइलें दागी जा रही हैं. आस-पास के इलाके पर वर्चस्व हासिल करने के बाद रूसी सैनिक यूक्रेन की राजधानी कीव पर दबदबा बनाने के लिए यहां जमा हुए हैं और कीव पर लगातार गोले बरसा रहे हैं.

रूसी सेना ने यूक्रेन के निप्रो शहर को पूरी तरह तबाह कर दिया

रूस ने यूक्रेन का चौथा सबसे बड़ा शहर निप्रो जो मध्य यूक्रेन में है, को पूरी तरह तबाह कर दिया है. यहां भी रूस ने मिसाइलें दागीं. वहीं, दक्षिणी यूक्रेन का माइकोलीव इलाका में एक के बाद एक धमाके हुए. रूसी सेना हर उस इलाके पर हमला कर रही है, जहां तक उसकी सेना पहुंच नहीं पाई है.

1500 करोड़ की अतिरिक्त सहायता देने की तैयारी कर रहा अमेरिका

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन यूक्रेन को 1500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता देने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि यूक्रेन ज्यादा आधुनिक हथियार खरीद सके और शरणार्थियों की मदद कर सके. ऐसे में ये स्पष्ट हो गया है कि यूक्रेन में ना ही यूरोप के देशों की सेना उतरेगी और ना ही NATO देशों की. इस तरह यूक्रेन को अपनी लड़ाई खुद ही लड़नी पड़ेगी.

इजराइल में पुतिन के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं- जेलेंस्की

वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि युद्ध विराम होने पर वह इजराइल में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं. जेलेंस्की ने शनिवार को कहा कि उन्होंने इजराइल के प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट से कहा कि वह यरुशलम में पुतिन से मिलने के लिए तैयार हैं. बेनेट ने पुतिन के साथ बैठक के लिए मास्को का दौरा किया और जेलेंस्की, फ्रांस और जर्मनी के नेताओं के साथ कई बार बात की.

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