नए साल में शहर को मिली भूकंप रोधी मकानों की सौगात, PM मोदी ने किया 'लाइट हाउस प्रोजेक्ट' का शिलान्यास

नए साल में शहर को मिली भूकंप रोधी मकानों की सौगात, PM मोदी ने किया 'लाइट हाउस प्रोजेक्ट' का शिलान्यास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्लोबल हाउसिंग टेक्नोलॉजी चैलेंज इंडिया (जीएचटीसी इंडिया) के तहत 6 राज्यों में इन कार्यक्रमों की आधारशिला रखी है। पीएम मोदी के ये कार्यक्रम शहरी भारत की रूप रेखा बदलने की दिशा में अहम कदम साबित होंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नववर्ष के अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए छह राज्यों में लाइट हाउस प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्लोबल हाउसिंग टेक्नोलॉजी चैलेंज इंडिया (जीएचटीसी इंडिया) के तहत 6 राज्यों में इन कार्यक्रमों की आधारशिला रखी है।

पीएम मोदी के ये कार्यक्रम शहरी भारत की रूप रेखा बदलने की दिशा में अहम कदम साबित होंगे। 

इसके तहत लखनऊ के 1040 शहरी गरीबों को मात्र पौने पांच लाख रुपए में 415 वर्गफीट एरिया का फ्लैट अगले साल सौंपा जाएगा। इसकी कीमत 12 लाख 59 हजार होगी। इसमें केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से सात लाख 83 हजार रुपए अनुदान के रूप में दिए जाएंगे।

शेष धनराशि चार लाख 76 हजार ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लाभार्थी को देने होंगे। फ्लैट का आवंटन प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अनुसार किया जाएगा और डूडा के माध्यम से डीएम की अध्यक्षता में खुली लॉटरी कराई जाएगी।

आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय भारत सरकार ने शहरी कमजोर वर्गों को ध्यान में रखते हुए छह राज्यों -- मध्य प्रदेश में इन्दौर, गुजरात में राजकोट, तमिलनाडु में चेन्नई, झारखण्ड में रांची, त्रिपुरा में अगरतला और उत्तर प्रदेश में लखनऊ को लाईट हाउस प्रोजेक्ट के तहत आवास बनाने के लिए चुना है।

शहीद पथ स्थित अवध विहार योजना में बनने वाले एलएचपी का क्रियान्वयन 34.50 वर्ग मीटर कारपेट एरिया में किया जा रहा है। जिसके तहत 14 मंजिला टावर बनेगा और उसमें 1040 फ्लैट कमजोर वर्ग के लोगों को मिलेंगे।

प्रदेश सरकार भवन निर्माण सम्बन्धित अनुसंधान संस्थाओं, छात्रों, प्रौद्योगिक संस्थाओं, वास्तुविदों और अभियंताओं में नई तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा दे रही है।

प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन में नई तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है, जिस कारण निर्माण कार्य करीब एक साल में पूरा हो सकेगा। एलएचपी निर्माण क्षेत्र को बदलकर रख देगा। प्री फैब्रिकेटेड वस्तुओं के प्रयोग से निर्माण ज्यादा टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल होगा।

12 लाख 59 हजार में भारत सरकार साढ़े पांच लाख रुपए अनुदान देगी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत डेढ़ लाख और टेक्निकल इनोवेशन ग्रांट (टीआईजी) के तहत चार लाख।

जबकि राज्य सरकार की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक लाख और टीआईजी के तहत एक लाख 33 हजार रुपए दिए जाएंगे।

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