पीएम मोदी का कांग्रेस पर आरोप, बोले 'सरदार वल्लभ भाई पटेल को भूलने वालों को देश कभी माफ नहीं करेगा'

डबल इंजन सरकार के पक्ष में प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे हर क्षेत्र के विकास को गति मिल रही है और उसकी शक्ति बढ़ रही है।
पीएम मोदी का कांग्रेस पर आरोप, बोले 'सरदार वल्लभ भाई पटेल को भूलने वालों को देश कभी माफ नहीं करेगा'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर देश के पहले गृहमंत्री और पाटीदार नेता सरदार वल्लभ भाई पटेल को भुला देने का आरोप लगाया। देश के एकीकरण में पटेल की भूमिका का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “जो कांग्रेस सरदार पटेल को अपने साथ जोड़ नहीं पा रही है, वो देश को क्या जोड़ सकती है?”

प्रधानमंत्री ने असारवा, अहमदाबाद में 2900 करोड़ रुपये से अधिक की दो रेल परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया। इन परियोजनाओं में अहमदाबाद (असारवा)- हिम्मतनर-उदयपुर गेज परिवर्तित लाइन और लूनिधर-जेतलसर गेज परिवर्तित लाइन शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने भावनगर-जेतलसर और असारवा-उदयपुर के बीच नई ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान आयोजित जनसभा में कहा कि सरदार पटेल के जन्मदिन पर दो अखबार पर उनकी नजर गई। राजस्थान की कांग्रेस सरकार का गुजराती अखबार पर फुल पेज विज्ञापन छपा है। लेकिन उस विज्ञापन में न तो सरदार पटेल का नाम है, न ही उनकी फोटो है और न ही उनको श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल भाजपा के नेता नहीं बल्कि कांग्रेस के बड़े नेता थे। आज कांग्रेस पार्टी उनका नाम लेने को भी तैयार नहीं है। भारतीय जनता पार्टी को गर्व है कि हमारी सरकार ने सरदार पटेल के सम्मान में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनाया।

डबल इंजन सरकार के पक्ष में प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे हर क्षेत्र के विकास को गति मिल रही है और उसकी शक्ति बढ़ रही है।

इस संदर्भ में रेल परियोजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 2009 से 2014 के बीच सवा सौ किमी रेल लाइन का दोहरीकरण हुआ था। जबकि 2014 से 2022 के बीच साढ़े पांच सौ से ज्यादा किलोमीटर रेल लाइन का दोहरीकरण हुआ है।

उन्होंने कहा कि गुजरात के विकास के लिए, गुजरात की कनेक्टिविटी के लिए आज बहुत बड़ा दिन है। गुजरात के लाखों लोग एक बड़े क्षेत्र में ब्रॉडगेज लाइन न होने से परेशान रहते थे। उन्हें आज से बहुत राहत मिलने जा रही है। नया रूट खुलने के बाद भावननगर और पोरबंदर के बीच की दूरी करीब 200 किमी, भावननगर और राजकोट के बीच की दूरी करीब 30 किमी कम हो गई है। यह रेल रूट इतना बिजी रहने वाली राजकोट, सोमनाथ और पोरबंदर मार्ग के बीच एक वैकल्पिक रूट के रूप में उपलब्ध हो गया है।

उन्होंने कहा कि पश्चिमी रेलवे को नया आयाम देने के लिए 12 गति शक्ति कार्गो टर्मिनल की योजना बनाई गई है। बड़ोदरा सर्कल में पहला गति शक्ति मल्टीमॉडल कार्गो टर्मिनल शुरू हो चुका है।

उल्लेखनीय है कि देशभर में यूनी-गेज रेल प्रणाली के लिए, रेलवे मौजूदा नॉन-ब्रॉड गेज रेल लाइनों को ब्रॉड गेज में बदल रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा समर्पित की जा रहीं परियोजनाएं इस दिशा में एक और कदम हैं।

अहमदाबाद (असारवा)-हिम्मतनगर-उदयपुर गेज परिवर्तित लाइन करीब 300 किमी लंबी है। इससे कनेक्टिविटी में सुधार होगा और क्षेत्र में पर्यटकों, व्यापारियों, विनिर्माण इकाइयों और उद्योगों के लिए फायदेमंद साबित होगा, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और यह क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में मदद करेगा।

58 किमी लंबी लूनिधर-जेतलसर गेज परिवर्तित लाइन वेरावल और पोरबंदर से पीपावाव पोर्ट और भावनगर के लिए छोटा रास्ता उपलब्ध कराएगी। परियोजना से इस खंड पर माल ढुलाई क्षमता में वृद्धि होगी, साथ ही व्यस्त कनालुस-राजकोट-विरमगाम मार्ग पर भीड़ कम होगी। इससे गिर अभयारण्य, सोमनाथ मंदिर, दीव और गिरनार पहाड़ियों के लिए कनेक्टिविटी बेहतर होगी और क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

Keep up with what Is Happening!

Related Stories

No stories found.
Best hindi news platform for youth. हिंदी ख़बरों की सबसे तेज़ वेब्साईट
www.yoyocial.news