पीएम मोदी का विद्यार्थियों को टास्क..अपने क्षेत्र के आजादी के 75 नायकों पर लिखें कविताएं, करें नाटक
NARENDRA MODI

पीएम मोदी का विद्यार्थियों को टास्क..अपने क्षेत्र के आजादी के 75 नायकों पर लिखें कविताएं, करें नाटक

पीएम नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' करते हुए विद्यार्थियों को एक नया टास्क दिया। उन्होंने कहा कि 2022 में देश स्वतंत्रता के 75 वर्ष का पर्व मनाएगा। विद्यार्थी आजादी के 75वें वर्ष में अपने क्षेत्र के आजादी के 75 नायकों पर कविताएं और नाट्य कथाएं लिखेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' करते हुए विद्यार्थियों को एक नया टास्क दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में हमारा देश स्वतंत्रता के 75 वर्ष का पर्व मनाएगा। स्कूल के विद्यार्थी ठान सकते हैं कि वो आजादी के 75वें वर्ष में अपने क्षेत्र के आजादी के 75 नायकों पर कविताएं और नाट्य कथाएं लिखेंगे। आजादी के 75 वर्ष में ऐसे महान नायकों को याद करना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि स्वतंत्रता के पहले अनेक वर्षों तक देश का कोई कोना ऐसा नहीं था जहां आजादी के मतवालों ने अपने प्राण न्योछावर न किए हों, अपना सर्वस्व त्याग न दिया हो। यह बहुत आवश्यक है कि हमारी आज की पीढ़ी, हमारे विद्यार्थी, आजादी की जंग के हमारे देश के नायकों से परिचित रहें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, किसी स्कूल के विद्यार्थी ठान सकते हैं कि वो आजादी के 75 वर्ष में अपने क्षेत्र के आजादी के 75 नायकों पर कविताएं लिखेंगे, नाट्य कथाएं लिखेंगे। आप के प्रयास देश के हजारों लाखों अनसंग हीरोज (गुमनाम नायक) को सामने लाएंगे जो देश के लिए जिए, जो देश के लिए खप गए, जिनके नाम समय के साथ विस्मृत हो गए, ऐसे महान व्यक्तियों को अगर हम सामने लाएंगे, आजादी के 75 वर्ष में उन्हें याद करेंगे तो उनको सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अपने जिले से, अपने क्षेत्र में, आजादी के आंदोलन के समय क्या हुआ कैसे हुआ, कौन शहीद हुआ, कौन कितने समय तक देश के लिए जेल में रहा। यह बातें हमारे विद्यार्थी जानेंगे तो उनके व्यक्तित्व में भी इसका प्रभाव दिखेगा। इसके लिए बहुत से काम किए जा सकते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षकों से अपील करते हुए कहा, आप जिस जिले में हैं वहां शताब्दियों तक आजादी की जो जंग चली उन जंग में वहां कोई घटनाएं घटी हैं क्या? इसे लेकर विद्यार्थियों से रिसर्च करवाई जा सकती है। उसे स्कूल के हस्तलिखित अंक के रूप में तैयार किया जा सकता है। आप के शहर में स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा कोई स्थान छात्र-छात्राओं को वहां ले जा सकते हैं।

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