पीएम मोदी ने 'आत्मनिर्भर यूपी रोजगार अभियान' किया लॉन्च, सवा करोड़ मजदूरों को मिलेगा काम
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पीएम मोदी ने 'आत्मनिर्भर यूपी रोजगार अभियान' किया लॉन्च, सवा करोड़ मजदूरों को मिलेगा काम

पीएम मोदी ने शुक्रवार की सुबह 11:00 बजे इस योजना की डिजिटल शुरुआत की। इस दौरान वह उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों के ग्रामीणों से भी बात की। राज्य के सभी जिलों के गांव सहज सेवा केंद्रों और कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।

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पीएम नरेंद्र मोदी ने 'आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान' का शुभारंभ कर दिया है। सीएम योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में पीएम मोदी ने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए इस अभियान की शुरुआत की। इस वर्चुअल लॉन्चिंग के मौके पर राज्य सरकार के संबंधित विभागों के मंत्री भी मौजूद रहे। ये अभियान रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय उद्यम को बढ़ावा देने और औद्योगिक संगठनों के साथ साझेदारी करने पर केंद्रित है।

एक बयान के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार ने केंद्र और राज्य सरकार के कार्यक्रमों को आपस में जोड़ने के लिए 'आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान' की परिकल्पना की है, जिसमें उद्योगों और अन्य संगठनों के साथ भी साझेदारी की जाएगी.

पीएम मोदी ने शुक्रवार की सुबह 11:00 बजे इस योजना की डिजिटल शुरुआत की। इस दौरान वह उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों के ग्रामीणों से भी बात की। राज्य के सभी जिलों के गांव सहज सेवा केंद्रों और कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।

पीएम मोदी ने गोंडा की रहने वाली विनिता से संवाद किया। विनिता ने संवाद के दौरान कहा कि प्रशासन से सूचना मिलने के बाद महिलाओं के साथ समूह का गठन किया और एक नर्सरी शुरू की। अब एक साल में 6 लाख रुपये की बचत हो रही है।

पीएम मोदी ने बहराइच के तिलकराम से भी संवाद किया। तिलक राम खेती करते हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने किसान से कहा कि आपके पीछे बहुत बड़ा मकान बन रहा है। इस पर किसान ने जवाब देते हुए कहा कि ये आपका ही है। किसान ने कहा कि आवास योजना से हमें इसका काफायदा मिला। किसान तिलकराम ने कहा कि पहले झोपड़ी में रहते थे, अब मकान बन रहा है, इससे परिवार काफी खुश है।

पीएम मोदी ने पूछा कि आपको तो मकान मिल गया है, लेकिन मुझे क्या दोगे। इस पर किसान ने जवाब दिया कि हम दुआ करते हैं कि आप पूरी जिंदगी पीएम रहें। इस दौरान किसान से पीएम मोदी ने कहा कि आप हर साल मुझे पत्र लिखें और बच्चों की पढ़ाई के बारे में सूचना देते रहें।

संवाद के दौरान पीएम मोदी ने गोरखपुर के एक व्यक्ति से बातचीत की। उन्होंने व्यक्ति से कहा कि आप अहमदाबाद में थे, वो मेरा घर है। अहमदाबाद तो अच्छा है, वापस क्यों आ गए। इस पर मजदूर ने कहा कि कंपनी ही बंद हो गई थी, अब गोरखपुर आ गया हूं, यहां डेयरी खोलने के लिए लोन लिया है।

विभिन्न ग्रामीणों से बात करने के बाद पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि हम सभी ने अपने व्यक्तिगत जीवन में अनेक उतार-चढ़ाव देखे हैं। हमारे सामाजिक जीवन में भी, गांव में, शहर में, अलग-अलग तरह की कठिनाइयां आती ही रहती हैं। इसकी एक दवाई हमें पता है। ये दवाई है दो गज की दूरी। ये दवाई है- मुंह ढकना, फेसकवर या गमछे का इस्तेमाल करना. जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं बनती, हम इसी दवा से इसे रोक पाएं।

पीएम मोदी ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश ने कोरोना के समय पूरी दुनिया को चकित कर दिया है। उन्होंने कोरोना संकट का जिस तरह सामना किया है वह सराहनीय है।

उन्होंने कहा कि यूपी की जनसंख्या 24 करोड़ है। लेकिन यहां पर कोरोना का नियंत्रण ठीक तरह से किया गया है। अमेरिका की जनसंख्या 33 करोड़ है फिर भी वहां मृतकों की संख्या एक लाख 25 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन यूपी सरकार ने बेहतर तैयारियां की। पीएम मोदी ने कहा कि यूपी सरकार ने बेहतर तैयारियों की मदद से करीब 85 हजार लोगों के जीवन को बचाया है।

पीएम मोदी ने कहा मुझे पूरा विश्वास है कि योगी जी के नेतृत्व में, जिस तरह आपदा को अवसर में बदला गया है, जिस तरह वो जी-जान से जुटे हैं, देश के अन्य राज्यों को भी इस योजना से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा, वो भी इससे प्रेरणा पाएंगे।

बता दें पीएम मोदी ने 20 जून के बिहार से गरीब कल्याण रोजगार योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत 6 राज्यों के 116 जिलों के प्रवासी श्रमिकों को काम दिया जाएगा। श्रमिकों को 125 दिनों के लिए रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, जिसे मिशन मोड में चलाया जाएगा। इसके लिए सरकार ने 50 हजार करोड़ रुपये का इंतजाम किया है।

योजना का लाभ लेने के लिए जरूरी कागजात व शर्ते...

- इस योजना का लाभ लेने वाला नागरिक उसी राज्य का होना चाहिए जहां योजना क्रियान्वित है।

- व्यक्ति के पास आधार कार्ड होना भी अनिवार्य है।

- काम पाने वाले नागरिक को अपना निवास प्रमाण पत्र भी दिखाना होगा।

- इस योजना के तहत सिर्फ 18 साल से अधिक लोगों को ही काम दिया जाएगा।

- कामगारों को उनके स्किल के अनुसार दिया जाएगा काम।

यूपी सरकार की तरफ से एक बयान में कहा गया 'कोविड-19 महामारी का श्रमबल, खासकर प्रवासी मजदूरों पर प्रतिकूल असर पड़ा है। ऐसे में ये अभियान पूरी तरह रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय उद्यम को बढ़ावा देने और औद्योगिक संगठनों, अन्य संगठनों के साथ साझेदारी करने पर केंद्रित है।'

आधिकारिक बयान में कहा गया कि लगभग 30 लाख प्रवासी मजदूर उत्तर प्रदेश में अपने घरों को लौटे हैं। राज्य के 31 जिलों में ही 25 हजार से अधिक प्रवासी मजदूर लौटे हैं।

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