जम्मू-कश्मीर : फारूक अब्दुल्ला की 12 करोड़ की संपत्ति ED ने की जब्त, उमर अब्दुल्ला ने कहा- पैतृक संपत्ति हुई सीज

जम्मू-कश्मीर : फारूक अब्दुल्ला की 12 करोड़ की संपत्ति ED ने की जब्त, उमर अब्दुल्ला ने कहा- पैतृक संपत्ति हुई सीज

ED ने CBI द्वारा दर्ज FIR के आधार पर मामला दर्ज किया था। सीबीआई ने मामले में जम्मू कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों को आरोपी बनाया है जिनमें महासचिव मोहम्मद सलीम खान और पूर्व कोषाध्यक्ष अहसान अहमद मिर्जा शामिल हैं।

पूर्व केंद्रीय मंत्री और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को एक बड़ा झटका देते हुए, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को जे एंड के क्रिकेट एसोसिएशन मामले में 11.86 करोड़ रुपये मूल्य की छह संपत्तियां जब्त की हैं। सूत्रों ने यह जानकारी दी। ईडी के एक सूत्र ने आईएएनएस को बताया, "हमने अब्दुल्ला की छह संपत्तियों को जब्त किया है। इसमें तीन आवासीय भवन हैं, जबकि दो प्लॉट शामिल हैं।"

उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता की संपत्तियां धनशोधन रोकथाम अधिनियम(पीएमएलए) के तहत जब्त की गई है।

अधिकारी ने कहा, "संलग्न संपत्तियों में, श्रीनगर में गुप्कर रोड स्थित निवास, तहसील कटिपोरा के तन्मर्ग में, और सुंजवान जम्मू भटिंडी गांव की संपत्ती शामिल है।"

उन्होंने आगे कहा कि जांच के दौरान, यह पता चला कि 2005-06 से दिसंबर 2011 तक जेकेसीए ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से 109.78 करोड़ रुपये प्राप्त किए थे।

अधिकारी ने आगे कहा, "2006 और जनवरी 2012 के बीच, फारूक अब्दुल्ला जेकेसीए के अध्यक्ष थे और उन्होंने जेकेसीए में पदाधिकारियों की अवैध नियुक्तियां करने के लिए अपनी स्थिति और रसूख का गलत इस्तेमाल किया, जिसके लिए उन्होंने जेकेसीए फंडों की वैधता के उद्देश्य से वित्तीय अधिकार दिए।"

ED ने CBI द्वारा दर्ज FIR के आधार पर मामला दर्ज किया था। सीबीआई ने मामले में जम्मू कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों को आरोपी बनाया है जिनमें महासचिव मोहम्मद सलीम खान और पूर्व कोषाध्यक्ष अहसान अहमद मिर्जा शामिल हैं।

उन पर करीब 43.69 करोड़ रुपये की कथित गड़बड़ी करने को लेकर 2018 में आरोपपत्र दाखिल किया था। यह राशि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने वर्ष 2002 से 2011 के बीच राज्य में क्रिकेट को प्रोत्साहित करने के लिए आवंटित की थी। बता दें मामले में ईडी ने फारूक अब्दुल्ला से कई बार घंटों पूछताछ भी की थी।

दूसरी ओर इस मामले पर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जो प्रॉपर्टी अटैच की गई है उसमें से ज्यादातर 1970 के दशक की पैतृक संपत्ति है और इनमें 2003 के बाद किसी सम्पत्ति का निर्माण नहीं हुआ है।

फारूक अब्दुल्ला के बेटे और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पिता की संपत्ति सीज किए जाने की खबरें आने के बाद शनिवार को एक के बाद एक 3 ट्वीट करके कहा कि डॉ. अब्दुल्ला अपने वकीलों के संपर्क में हैं और इन सभी आधारहीन आरोपों के खिलाफ लड़ेंगे।

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