लोहड़ी के पर्व पर किसान संगठनों ने कृषि कानूनों की कॉपियां जलाकर दर्ज किया विरोध

लोहड़ी के पर्व पर किसान संगठनों ने कृषि कानूनों की कॉपियां जलाकर दर्ज किया विरोध

लोहड़ी के त्योहार के मौके पर दिल्ली के सिंघु बॉर्डर से लेकर पंजाब के अमृतसर, होशियारपुर, संगरूर, कपूरथला आदि स्थानों पर किसान संगठनों ने केंद्र सरकार के विवादित नए कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर अपना विरोध प्रकट किया।

दिल्ली बॉर्डर से लेकर पंजाब के विभिन्न हिस्सों में किसान संगठनों ने लोहड़ी के मौके पर तीन कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर अपना विरोध प्रकट किया। सुप्रीम कोर्ट के दखल व 15 जनवरी को केंद्र सरकार के साथ प्रस्तावित बैठक के बीच संयुक्त किसान मोर्चा के पूर्व घोषित आंदोलन की रूपरेखा में कोई बदलाव नहीं है। इसके अलावा किसान संगठन आगामी 26 जनवरी को ट्रैक्टर किसान रैली के लिए जनसमर्थन जुटाने के प्रयास में लगे हुए हैं।

सिंघु बॉर्डर पर मौजूद कई किसानों कहा कि उन्होंने ऐसी लोहड़ी पहले कभी नहीं जलाई। उनका कहना है कि इस बार की लोहड़ी अलग है कि इस बार सवाल हमारी जमीनों का है, खेती-किसानी का है। किसान कानूनों की प्रतियां जलाते किसान इसे अपने विरोध के तौर पर दिखा रहे थे।

विदित हो कि बसंत की शुरुआत में उत्तर भारत के अधिकांश स्थानों पर लोहड़ी का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन लोग लकड़ियां जमाकर जलाते हैं और सुख व समृद्धि की कामना करते हैं। त्योहार के इस मौके पर दिल्ली के सिंघु बॉर्डर से लेकर पंजाब के अमृतसर, होशियारपुर, संगरूर, कपूरथला आदि स्थानों पर किसान संगठनों ने केंद्र सरकार के विवादित नए कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर अपना विरोध प्रकट किया। संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान मे 40 से अधिक किसान संगठन दिल्ली के विभिन्न बार्डरों पर 48 दिन से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।

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