और ताकतवर हुआ अम्फान, हावड़ा में महातूफान के कहर से बचाने को लोहे की जंजीरों से बांधे गए रेल कोच
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और ताकतवर हुआ अम्फान, हावड़ा में महातूफान के कहर से बचाने को लोहे की जंजीरों से बांधे गए रेल कोच

मौसम विभाग की ओर से इस चक्रवाती तूफान के चलते ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है. तट से तकराने के दौरान तूफान की स्पीड 185 से 190 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है.

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पश्चिम बंगाल में सुपर चक्रवाती तूफान ‘अम्‍फान’ आज दोपहर से शाम के बीच किसी भी समय तट से टकराएगा. मौसम विभाग की ओर से इस चक्रवाती तूफान के चलते ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है. तट से तकराने के दौरान तूफान की स्पीड 185 से 190 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है. तटीय इलाकों से बड़ी संख्या में लोगों को निकाल कर सुरक्षित जगहों तक पहुंचाया गया है.

वहीं, हावड़ा में तूफान के कहर को भांपते हुए रेलवे भी अलर्ट हो गया है, यहां रेल कोचों को मजबूत लोहे की जंजीरों से बांध दिया गया है. जिससे कि ट्रेनें तूफान की चपेट में न आएं और तूफानी हवाओं से रेल कोचों को नुकसान पहुंचाने से रोका जा सके. जानकार बताते हैं कि अगर खाली ट्रेनें ट्रैक पर दौड़ गईं तो बड़ी दुर्घटना घट सकती है और ट्रेनों को भी नुकसान हो सकता है.

इस बीच मौसम विभाग के अनुसार सुपर साइक्लोन 'अम्फान' (Amphan Cyclone) के आज पश्चिम बंगाल के तट पर टकराने की संभावना है. इस दौरान 155 से 185 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक हवाएं चलने और भारी बारिश का अनुमान है. भारत मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक इस दौरान बंगाल के तटीय जिलों में भारी बारिश होगी और समुद्र में चार-पांच मीटर ऊंची लहरें उठेंगी.

मौसम विभाग के अनुसार यह चक्रवात उत्तर और उत्तर पश्चिम दिशा में काफी रफ्तार में आगे बढ़ रहा है. अनुमान है कि इसकी गति अभी और बढ़ेगी. साइक्लोन अम्फान आज दोपहर तक पश्चिम बंगाल के दीघा और बांग्लादेश के हादिया में टकरा सकता है.

रेलवे की ओर से हावड़ा के शालीमार साइडिंग में खड़ी रेल के कोच को चेन और ताले से बांधने का इंतजाम किया गया है. पूरे देश में कोरोना संकट के चलते भले ही रेल सेवाएं ठप पड़ी हों, लेकिन जो भी इस दौरान श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं, उन्हें भी सुरक्षा के मद्देनजर बंद करने की जानकारी दक्षिण पूर्व रेलवे की ओर से दी गई है.

बता दें जो ट्रेनें रेलवे ट्रैक पर खाली खड़ी हैं, उन्हें लोहे की मोटी-मोटी चेन स्किट से बांधा गया है और ताला लगाया गया है. ऐसा इसलिए किया गया है कि चक्रवाती तूफान में तेज हवा की वजह से ट्रेनें कहीं पटरी पर बिना इंजन के सरपट न दौड़ जाएं. अगर इंजन के बगैर एक बार दौड़ गई तो दुर्घटना घट सकती है फिर इसे काबू में करना बेहद मुश्किल साबित हो सकता है. यही कारण है कि ट्रेन को लोहे की चेन और ताले से बांध कर रखा जाता है.

भारत मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक इस दौरान बंगाल के तटीय जिलों में भारी बारिश होगी और समुद्र में चार-पांच मीटर ऊंची लहरें उठेंगी. आज मालदा एवं दिनाजपुर जिलों की कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अधिकांश जगहों और 21 मई को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम के अधिकांश जिलों में बारिश की संभावना है. असम और मेघालय में 21 मई को असम के पश्चिमी जिलों एवं मेघालय में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है.

उधर, अम्फान तूफान से निपटने के लिए एनडीआरएफ की 19 टीमें पश्चिम बंगाल में तो 15 टीमें ओडिशा में तैनात की गई हैं. 6 टीमों को इस तरह से तैयार रखा गया है, कि जब भी जरूरत पड़े, उन्हें एयरलिफ्ट करके पहुंचा दिया जाए. चक्रवाती तूफान प्रभावित इलाकों में भारी तबाही मचा सकता है.

चक्रवाती तूफान अम्फान की दहशत इतनी है कि हावड़ा कॉरपोरेशन ने 24 घंटे के लिए कंट्रोल रूम चालू रखा है, जिससे लोगों तक किसी भी तरह की असुविधा होने पर तत्काल मदद पहुंचाई जा सके. ओडिशा के तटीय इलाकों में रेत से भरी बोरियां लगाई जा रही हैं जिससे समुद्री लहरों को बस्तियों तक आने से रोका जा सके. जगतसिंहपुर में तटीय इलाकों से बस्तियां खाली करा ली गई हैं. लोगों को शेल्टर होम में शिफ्ट किया जा रहा है.

इस तरह के नुकसान की संभावना

सभी तरह के कच्चे घरों को भारी नुकसान. पुराने पक्का मकानों को कुछ नुकसान. बहती चीजों से भी खतरे की आशंका संचार एवं बिजली के खंभों का बड़ी संख्या में उखड़ना. कई जगहों पर रेल/सड़क मार्ग बंद होना खेतों में लगी फसलों, बाग- बगीचे का भारी नुकसान. पाम एवं नारियल के पेड़ों का हवा के झोंकों से उखड़ना. आम के पेड़ जैसे बड़े झाड़ीदार पेड़ों का उखड़ना लंगर से बंधे बड़े नावों और जहाजों का टूटना.

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