लखनऊ: राष्ट्रीय लोकदल पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शहीद-ए-आज़म सरदार भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुये उन्हें याद किया
Photo by Dheeraj Dhawan

लखनऊ: राष्ट्रीय लोकदल पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शहीद-ए-आज़म सरदार भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुये उन्हें याद किया

राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुपम मिश्रा के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने शहीद-ए-आज़म सरदार भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुये उन्हें याद किया।

राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुपम मिश्रा के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने शहीद-ए-आज़म सरदार भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुये उन्हें याद किया।

गौरततलब है कि शहर में भगत सिंह की यही एक प्रतिमा है और इस प्रतिमा की स्थापना 23 मार्च 2014 को श्री अनुपम मिश्रा द्वारा ही शहीद स्मारक स्थल स्थित स्तम्भ पर कराई गई थी।

वर्ष 2005 में तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री मुलायम सिंह यादव द्वारा शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू की आदम कद मूर्तियां किसी उपयुक्त स्थल पर लगाने का आदेश दिया गया था और वह स्थान शहीद स्मारक में चिन्हित किया गया। इस हेतु 914000 रूपये भी सरकार द्वारा आवंटित किये गये किंतु मूर्तियां स्थापित नहीं की गई।

अनुपम मिश्रा ने इस सम्बन्ध में सभी मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा, शासन प्रशासन हर स्तर पर प्रयास किया किंतु कही कोई कार्यवाही होती न देखकर 23 मार्च 2014 को श्री अनुपम मिश्रा ने अपने नौजवान साथियों के साथ सरदार भगत सिंह की 65 किग्रा0 भार की मूर्ति 42000 रूपये की लागत में तैयार प्रतिमा को उसी स्थान पर स्थापित कर दिया।

श्री मिश्रा प्रत्येक वर्ष 23 मार्च और 28 सितम्बर को आकर यहां माल्यापर्ण करते है और इस मूर्ति का रखरखाव भी वह स्वयं के पैसे से करते हैं।

विडम्बना यह है कि जब भी कोई बड़ा राजनेता शहर आता है तो उसे भगत सिंह की प्रतिमा के नाम पर श्री अनुपम मिश्रा द्वारा स्थापित यही प्रतिमा माल्यार्पण हेतु दिखती है।

रालोद के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुपम मिश्र ने कहा कि अब तक जितनी सरकारे आई उसमें से किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया, मायावती जी अपनी मूर्तियों और अपनी जाति के महापुरूर्षो की मूर्तियाों तक सीमित रही।

अखिलेश यादव ने स्व0 श्री जनेष्वर मिश्र की इतनी विषालकाय मूर्ति व पार्क बनाया, योगी आदित्यनाथ भाजपा सरकार पटेल व भगवान श्रीराम की प्रतिमा पर हजारो करोड़ रूपये खर्च कर रही है पर एक लाख रूपये इन मूर्तियों के लिए नहीं।

बडे़ ही आहत मन से अनुपम मिश्र ने बताया कि जब अमित शाह लखनऊ आए थे तो मेरे द्वारा स्थापित इसी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया था।

तब शहर में उन्हें कोई प्रतिमा नहीं मिली थी आज भगत सिंह वोट बैंक नहीं है इसलिए उनका अपमान हो रहा है। वस्तुतः यह उनका नहीं राष्ट्र का अपमान है।

राष्ट्रीय प्रवक्ता ने प्रदेष सरकार से मांग की कि शहीद भगत सिंह के नाम पर एक सड़क का नामकरण किया जाय तथा रायल होटल चौराहे पर तीनों शहीद क्रान्तिकारियों की प्रतिमाएं स्थापित कर उक्त चौराहे का नाम त्रिमूर्ति चौराहा किया जाय।

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