गूगल आई / ओ में भविष्य के काम पर तैयार किया जा रहा रोडमैप : सुंदर पिचाई

गूगल आई / ओ में भविष्य के काम पर तैयार किया जा रहा रोडमैप : सुंदर पिचाई

अल्फाबेट और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने यह दोहराते हुए कि उनका गृह देश भारत और ब्राजील महामारी के अपने सबसे कठिन क्षणों से गुजर रहे हैं। ऐसे में एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है कि कैसे दुनिया भर में लाखों लोगों के लिए काम का भविष्य सामने आएगा।

अल्फाबेट और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने यह दोहराते हुए कि उनका गृह देश भारत और ब्राजील महामारी के अपने सबसे कठिन क्षणों से गुजर रहे हैं। ऐसे में एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है कि कैसे दुनिया भर में लाखों लोगों के लिए काम का भविष्य सामने आएगा।

मंगलवार की देर रात माउंटेन व्यू परिसर से आई / ओ डेवलपर्स सम्मेलन की शुरूआत करते हुए, पिचाई ने कहा कि कोविड-19 ने पिछले एक साल में पूरे वैश्विक समुदाय को गहराई से प्रभावित किया है और इसका कहर अभी भी जारी है।

उन्होंने जोर देकर कहा, '' ब्राजील और मेरे गृह देश भारत जैसे स्थान अब महामारी के अपने सबसे कठिन क्षणों से गुजर रहे हैं। हमारी भावनाएं उन सभी के साथ हैं, जो कोविड से प्रभावित हुए हैं । हम सभी बेहतर दिनों की उम्मीद कर रहे हैं।''

पिचाई ने कहा कि कंपनी हर किसी के लिए अधिक मददगार गूगल बनाना जारी रखेगी।

उन्होंने कहा, '' काम के भविष्य की फिर से कल्पना करके हम मदद कर सकते हैं, जोकि सबसे बड़े तरीकों में से एक है। पिछले एक साल में, हमने अभूतपूर्व तरीकों से काम में बदलाव देखा है। ''

पिचाई ने कहा, '' हमारी सहित कई कंपनियां, कार्यालय में फिर से सुरक्षित माहौल होने पर भी लचीलेपन की पेशकश करना जारी रखेंगी। सहयोग उपकरण कभी भी अधिक महत्वपूर्ण नहीं रहे हैं, और आज हमने गूगल कार्यक्षेत्र में एक नए स्मार्ट कैनवास अनुभव की घोषणा की है, जो और भी समृद्ध सहयोग को सक्षम बनाता है। ''

इस सम्मेलन में 2,00,000 से अधिक वर्चुअल दर्शकों ने हिस्सा लिया, जिन्हें संबोधित करते हुए सुंदर पिचाई ने अपने विचार रखे।

उन्होंने बताया कि पिछले एक साल में लगभग 15 करोड़ छात्र और शिक्षक गूगल क्लासरूम से सीख रहे हैं।

उन्होंने कहा, '' यह छोटे क्षणों में मदद करने के बारे में है, जो सभी के लिए बड़े बदलाव लाता है। उदाहरण के लिए, हम मैप्स में सुरक्षित रूटिंग की शुरूआत कर रहे हैं। मैप्स में यह एआई-पावर्ड क्षमता सड़क, मौसम और ट्रैफिक स्थितियों की पहचान कर सकती है, जहां आपको अचानक ब्रेक लगाने की जरूरत पड़ती है। पिचाई ने कहा कि उनका लक्ष्य हर साल इस तरह की घटनाओं को 10 करोड़ तक कम करना है।''

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