त्रिपुरा मामले में सुप्रीम कोर्ट का केंद्र को निर्देश- सीएपीएफ की दो कंपनियां तुरंत भेजें

उच्चतम न्यायालय ने चुनावों में सीसीटीवी की अनुपस्थिति में प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को बिना किसी दखल के चुनाव की कवरेज की इजाजत देने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि राज्य चुनाव आयोग और अधिकारी इस आदेश का पालन करेंगे।
त्रिपुरा मामले में सुप्रीम कोर्ट का केंद्र को निर्देश- सीएपीएफ की दो कंपनियां तुरंत भेजें

सुप्रीम कोर्ट ने गृह मंत्रालय को त्रिपुरा में स्वतंत्र और निष्पक्ष निकाय चुनाव सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की दो अतिरिक्त कंपनियां मुहैया कराने का निर्देश दिया।  साथ ही मतपत्रों की सुरक्षा और मतगणना सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्था बनाए रखने के लिए कहा है। उच्चतम न्यायालय ने चुनावों में सीसीटीवी की अनुपस्थिति में प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को बिना किसी दखल के चुनाव की कवरेज की इजाजत देने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि राज्य चुनाव आयोग और अधिकारी इस आदेश का पालन करेंगे।

शीर्ष अधिकारी स्थिति की समीक्षा कर सुझाव देंगे

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि शीर्ष अधिकारी राज्य में स्थिति की समीक्षा कर सुझाव देंगे कि क्या वहां और अधिक सुरक्षाबलों की जरूरत है। अदालत ने कहा है कि राज्य चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि प्रत्येक मतदान बूथ पर पर्याप्त सीएपीएफ हो ताकि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव हो सके।

उच्चतम न्यायालय के समक्ष टीएमसी के गंभीर आरोप

वहीं तृणमूल कांग्रेस ने उच्चतम न्यायालय के सामने आरोप लगाया कि त्रिपुरा में नगर निकाय चुनाव के दौरान उसके उम्मीदवारों एवं समर्थकों को मतदान नहीं करने दिया गया। उच्चतम न्यायालय ने डीजीपी, गृह सचिव से त्रिपुरा नगर निकाय चुनावों की सुरक्षा संबंधी स्थिति की समीक्षा करने के लिए कहा है।

त्रिपुरा में 14 नगर निकायों के लिए मतदान जारी 

राजनीतिक बयानबाजी के बीच त्रिपुरा के 14 नगर निकायों के लिए मतदान जारी है। इनसब के बीच तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदेश की राजधानी अगरतला में वार्ड संख्या पांच में पार्टी के एक कार्यकर्ता को पीटा गया। हालांकि पुलिस ने किसी भी अप्रिय घटना की पुष्टि नहीं की है।

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