अरुणाचल प्रदेश: चीन सीमा पर बसे गांवों का 4000 करोड़ से होगा विकास, ग्रामीणों को ठंड में नहीं छोड़ने पड़ेंगे गांव

अरुणाचल प्रदेश: चीन सीमा पर बसे गांवों का 4000 करोड़ से होगा विकास, ग्रामीणों को ठंड में नहीं छोड़ने पड़ेंगे गांव

केंद्रीय मंत्रालय ने राज्य के प्रस्ताव पर सहमति दे दी है, इसे जल्द कैबिनेट में भेजा जाएगा। सीएम ने बताया, विकास होगा तो सीमा पर बसे ग्रामीण बेहतर जीवन के लिए पलायन नहीं करेंगे।

अरुणाचल प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चीन द्वारा नए गांव बसाने की रिपोर्ट के बीच राज्य ने सीमावर्ती गांवों में बुनियादी विकास तेज कर दिया है। यहां के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने बताया कि राज्य सरकार ने इसके लिए केंद्र को करीब 4,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा है। इन निर्माण के जरिए ग्रामीणों का बर्फीले क्षेत्रों से पलायन रोकने की तैयारी की जा रही है। अभी तक ठंड होते ही यहां लोग गांव छोड़कर बाहर चले जाते थे।

केंद्रीय मंत्रालय ने राज्य के प्रस्ताव पर सहमति दे दी है, इसे जल्द कैबिनेट में भेजा जाएगा। सीएम ने बताया, विकास होगा तो सीमा पर बसे ग्रामीण बेहतर जीवन के लिए पलायन नहीं करेंगे। इसे ध्यान में रखकर तीन मॉडल गांव भी बनाए जा रहे हैं। इनके लिए 30 करोड़ रुपये के शुरुआती बजट जारी किया गया है। भविष्य में ऐसे ही नए गांव विकसित करने के लिए मॉडल बनेंगे।

यह निर्माण होंगे

सड़क, स्वास्थ्य केंद्रों और शिक्षण संस्थान का निर्माण। ग्रामीणों को पीने का साफ पानी, बिजली व मोबाइल व इंटरनेट कनेक्टिविटी मिलेगी।

चीन का बनाया गांव भारत में नहीं

हाल में टीवी चैनलों पर दावा किया गया कि चीन ने भारत की सीमा से 6 किमी भीतर राज्य के शी-योमी जिले में करीब 60 इमारतों के साथ गांव बसाया है। 2019 में यह गांव नहीं था। इसे फरवरी 2021 के आसपास बनाया गया। सीएम खांडू ने कहा कि यह दावा गलत है।

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