SC की तीखी टिप्पणी- विकास दुबे की तरह खतरनाक हो तुम, जमानत पर नहीं छोड़ सकते... कहा- प्रशासन के कारण UP त्रस्त
ताज़ातरीन

SC की तीखी टिप्पणी- विकास दुबे की तरह खतरनाक हो तुम, जमानत पर नहीं छोड़ सकते... कहा- प्रशासन के कारण UP त्रस्त

मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यूपी प्रशासन की भी खिंचाई की। पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि यूपी में 64 मामलों में आरोपित भी जमानत पा जाता है, इसीलिए यह राज्य त्रस्त है।

Yoyocial News

Yoyocial News

सुप्रीम कोर्ट ने 8 मामलों के आरोपित की जमानत अर्जी खारिज करते हुए तीखी टिप्पणी की। चीफ जस्टिस बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी.रामासुब्रह्माण्यन की पीठ ने मेरठ के खरखौदा निवासी उस्मान की जमानत की याचिका पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि आपका मुवक्किल बहुत खतरनाक है। हम उसे जमानत पर नहीं छो़ड़ सकते। आप देखिए विकास दुबे मामले में क्या हुआ। याचिकाकर्ता ने स्वास्थ्य समस्याओं के आधार पर जमानत मांगी थी।

इस मामले में अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता पर एक ही थाने में 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं। ऐसी आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति को जेल से कैसे रिहा किया जा सकता है।

इस मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यूपी प्रशासन की भी खिंचाई की। पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि यूपी में 64 मामलों में आरोपित भी जमानत पा जाता है, इसीलिए यह राज्य त्रस्त है।

पीठ ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था के हालात बेहतर नहीं दिख रहे हैं, जिसके कारण लोग पुलिस पर ही हमला कर दे रहे हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखना और वर्दी का खौफ पैदा करना प्रशासन का काम है, यदि वो इसमें कामयाब नहीं होते हैं तो इसका मतलब है कि प्रशासन काम नहीं कर रहा है। बता दें 8 मुकदमे वाले आरोपित की सुप्रीम कोर्ट में अपनी जमानत की अर्जी लगाई थी, जिसे सुनवाई के दौरान कोर्ट ने ठुकरा दिया।

गौरतलब है कि कानपुर के विकास दुबे मुठभेड़ कांड की जांच करने वाली कमेटी से शीषर्ष अदालत ने इस बात की जांच करने को कहा है कि 64 मुकदमों में नामजद शातिर अपराधी को किस आधार पर जमानत मिल गई थी। विकास दुबे और उसके गिरोह ने 2 जुलाई की रात अपने गांव में 8 पुलिस वालों की हत्या कर दी थी। उसे पुलिस ने उज्जैन में गिरफ्तार किया था।

कानपुर लाते समय भागने की कोशिश में वह पुलिस की गोली से मारा गया। मुठभेड़ कांड में दायर याचिकाओं की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने विकास दुबे जैसे लोगों को जमानत मिलने पर अफसोस जताते हुए इसे संस्थागत विफलता बताया था।

Keep up with what Is Happening!

Best hindi news platform for youth
www.yoyocial.news