Swachh Survekshan 2021: इंदौर फिर बना भारत का सबसे स्वच्छ शहर, सूरत और विजयवाड़ा को मिला दूसरा, तीसरा स्थान

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने सूरत (गुजरात) और विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश) को देश का दूसरा और तीसरा सबसे स्वच्छ शहर होने के लिए सम्मानित किया। इस दौरान केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
Swachh Survekshan 2021: इंदौर फिर बना भारत का सबसे स्वच्छ शहर, सूरत और विजयवाड़ा को मिला दूसरा, तीसरा स्थान

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने आज देश के 342 साफ शहरों को सम्मानित किया। इन शहरों को  'स्वच्छ सर्वेक्षण 2021' में स्वच्छ और कचरा मुक्त होने के लिए कुछ स्टार रेटिंग से सम्मानित किया गया है। दिल्ली के विज्ञान भवन में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इंदौर शहर को पांचवीं बार स्वच्छ शहर का सम्मान मिला है। राष्ट्रपति कोविंद ने इंदौर के अधिकारी को पुरस्कार से सम्मानित किया। वहीं, दूसरे और तीसरे नंबर के शहरों को भी सम्मानित किया गया। 

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने सूरत (गुजरात) और विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश) को देश का दूसरा और तीसरा सबसे स्वच्छ शहर होने के लिए  सम्मानित किया। इस दौरान केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री और अन्य अधिकारी मौजूद रहे। यह सम्मान  आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (एमओएचयूए) द्वारा 'स्वच्छ अमृत महोत्सव' का आयोजन किया जा रहा है। 

केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत भारत को कचरा-मुक्त बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टकोण की तर्ज पर कचरा-मुक्त शहरों की श्रेणी के तहत प्रमाणित शहरों को इस समारोह में भी पुरस्कृत किया गया है।

पांच करोड़ से अधिक आए फीडबैक

मंत्रालय के अनुसार, इस बार के स्वच्छ सर्वेक्षण में 4320 शहरों को शामिल किया गया है जो दुनिया का सबसे बड़ा स्वच्छता सर्वेक्षण है. साल 2016 में इस कदम की शुरुआत पर सिर्फ 73 प्रमुख शहरों को सर्वेक्षण में शामिल किया गया था।  मंत्रालय ने कहा कहा, ‘‘इस साल के सर्वेक्षण की सफलता इस बार नागरिकों से मिले फीडबैक की संख्या के आधार पर आंकी गई है। इस बार पांच करोड़ से अधिक फीडबैक आए। यह संख्या पिछले साल 1.87 करोड़ थी।’’

शहरों को तीन श्रेणियों में बांटा गया 

2018 में केवल 56 शहरों में से कुछ को ही स्टार रेटिंग सर्टिफिकेशन से सम्मानित किया गया था।  हालांकि, इस साल यह संख्या कई गुना बढ़कर 342 शहरों तक हो गई है। तीन श्रेणियों में शहरों को बांटा गया है। इसमें फाइव-स्टार शहर, थ्री-स्टार शहर और वन-स्टार शहर की कैटेगरी बनाई गई है। इसमें 9 शहरों को फाइव स्टार, 166 को थ्री स्टार और 167 शहरों को वन स्टार की श्रेणी में रखा गया है । इसके अलावा, इस साल की सर्टिफिकेशन प्रोसेस में भी 2,238 शहरों की भागीदारी है, जो शहरी भारत की कचरा-मुक्त भारत के दृष्टिकोण के प्रति संकल्प को दर्शाता है।

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