आगरा के अगवा डॉक्टर को 30 घंटे बाद बीहड़ से छुड़ाया

आगरा के एक शीर्ष चिकित्सक उमाकांत गुप्ता को 30 घंटे से अधिक समय तक अगवा किए जाने के बाद आखिरकार उत्तर प्रदेश और राजस्थान पुलिस की संयुक्त टीम ने बीहड़ से छुड़ा लिया है।
आगरा के अगवा डॉक्टर को 30 घंटे बाद बीहड़ से छुड़ाया

आगरा के एक शीर्ष चिकित्सक उमाकांत गुप्ता को 30 घंटे से अधिक समय तक अगवा किए जाने के बाद आखिरकार उत्तर प्रदेश और राजस्थान पुलिस की संयुक्त टीम ने बीहड़ से छुड़ा लिया है। डॉक्टर को कथित तौर पर हनी ट्रैप में फंसाने वाली एक महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है।

अपहरण बदन सिंह चौहान गिरोह ने किया था जो 5 करोड़ रुपये की फिरौती चाहता था।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार की रात डॉक्टर को फोन आया और वह बाहर निकल गए। वह वापस नहीं लौटे और उनकी कार राजस्थान के धौलपुर में मिली। पुलिस ने कार चालक पवन को हिरासत में ले लिया।

पवन ने खुलासा किया कि 30 वर्षीय मंगला पाटीदार नाम की एक महिला को डॉक्टर को बहकाने के लिए कहा गया था।

पाटीदार, जो महाराष्ट्र से है, बदन सिंह गिरोह का सदस्य है, जिसने 2017 में आगरा से एक अन्य डॉक्टर निखिल बंसल का अपहरण कर लिया था। बाद में उसे फिरौती के रूप में एक अज्ञात राशि के भुगतान पर रिहा कर दिया गया था।

पाटीदार ने डॉक्टर से कहा था कि वह उससे मिले। वे गाड़ी से उजाड़ रोहता नहर तक गए, जहां तीन बाइक पर पांच लोग आए, उनमें से एक 27 वर्षीय बदन सिंह था।

चार अन्य लोग गुप्ता को लेकर चंबल घाटी चले गए, जबकि सिंह पाटीदार के साथ चला गया।

एसपी (आगरा शहर) बोत्रे रोहन प्रमोद ने कहा, "राजस्थान और यूपी की पुलिस ने ऑपरेशन के लिए टीम बनाई। जिस स्थान पर डॉक्टर को आखिरी बार देखा गया था, वह निकटतम पुलिस स्टेशन से 25 किमी दूर था। उन्होंने नदी पार की थी।"

एसपी ने कहा, "जैसे ही वे नदी पार कर रहे थे, उन्होंने देखा कि कुछ लोग घाटी की ओर भाग रहे हैं। जब तक पुलिस ने नदी पार किया, तब तक वे गायब हो चुके थे। वे शायद मुखबिर थे।"

पुलिस की टीमें फैल गईं और गांव-गांव जाकर छानबीन शुरू की और घंटों तक मामले में कोई प्रगति नहीं की। गुरुवार की तड़के, पुलिस ने आखिरकार बमरोली गांव के पास डॉक्टर को बुरी अवस्था में पाया। उसे वहीं छोड़कर गैंग फरार हो गया था।

गुप्ता ने संवाददाताओं से कहा, "मुझे 15 दिन पहले महिला का पता चला था। वह अपने भाई के इलाज के लिए मेरे नर्सिग होम आई थी।"

उन्होंने 'हनी-ट्रैप' का खंडन किया। उन्होंने कहा, "उसने मुझे फोन किया था और मुझसे मिलने के लिए कहा था। वह मेरी कार में बैठ गई, उसने कहा कि मैं मुश्किल में हूं। मैंने उसे दूसरी बार देखा था।"

उसने गुप्ता को नकली नाम अंजलि बताया था।

महिला मंगला पाटीदार का पता लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पांच अन्य - बदन सिंह और अन्य अज्ञात आरोपियों पर भी आगरा के एत्माद्दौला पुलिस स्टेशन में अपहरण का मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने सिंह के बारे में जानकारी देने पर एक लाख रुपये और अन्य आरोपियों के लिए 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है।

एडीजी (आगरा जोन) राजीव कृष्ण ने कहा, "डॉक्टर के घर से 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने वाला एक पत्र मिला है। इसे फोरेंसिक विश्लेषण के लिए भेजा जाएगा। इलाके के सीसीटीवी फुटेज भी चेक किए जा रहे हैं।"

अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) और यूपी के डीजीपी ने बचाव दल में शामिल प्रत्येक पुलिसकर्मी को दो-दो लाख रुपये के इनाम की घोषणा की है।

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