तीनों कृषि कानून वापस होने पर विपक्षी दलों ने किसानों की दी बधाई, बोले 'हठधर्मिता की हुई हार'

केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानून वापस लेने की घोषणा बाद विपक्षी दलों ने इसे किसानों की बड़ी जीत बताते हुए इसे हठधर्मिता की हार बताया है।
तीनों कृषि कानून वापस होने पर विपक्षी दलों ने किसानों की दी बधाई, बोले 'हठधर्मिता की हुई हार'

केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानून वापस लेने की घोषणा बाद विपक्षी दलों ने इसे किसानों की बड़ी जीत बताते हुए इसे हठधर्मिता की हार बताया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को देश के नाम अपने संबोधन में कहा कि उनकी सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला करती है। उन्होंने कहा कि इस महीने के अंत में शुरू होने जा रहे संसद सत्र में तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की संवैधानिक प्रक्रिया को शुरू करेंगे।

इसके बाद राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद मनोज झा ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, देखिए अगर प्रधानमंत्री ने यह फैसला लिया है कि तीनों काले कानून को वापस लिया जाता है। इससे संकेत तो साफ है कि अगर एक जीवंत आंदोलन सरकार के फैसले पलट देता है।

उन्होंने कहा, सरकार के लिए एक और संदेश है कि अहंकार और हठधर्मिता में आप पार्लियामेंट से कुछ भी पास करा लेंगे तो उसे जनमानस स्वीकर कर लेगा ऐसा नहीं है। यह आगे सरकार द्वारा लिए जाने वाले फैसलों के लिए सबक है।

सरकार की कार्यप्रणाली और कार्यशैली में हमेशा जनसरोकार होना चाहिए। केंद्र का आज का फैसला, ये किसान आंदोलन की सफलता है, पूरे देश को बधाई और सलाम।

इस मसले पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने कहा, एक संदेश गया है कि देश एकजुट हो तो कोई भी फैसला बदला जा सकता है। हार के चलते पीएम मोदी ने यह फैसला किया है।

वहीं इस मसले पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, देश के अन्नदाता ने सत्याग्रह से अहंकार का सर झुका दिया।

अन्याय के खिलाफ ये जीत मुबारक हो! जय हिंद, जय हिंद का किसान!

वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, आज प्रकाश दिवस के दिन कितनी बड़ी खुशखबरी मिली। तीनों कानून रद्द। 700 से ज्यादा किसान शहीद हो गए। उनकी शहादत अमर रहेगी। आने वाली पीढ़ियाँ याद रखेंगी कि किस तरह इस देश के किसानों ने अपनी जान की बाजी लगाकर किसानी और किसानों को बचाया था। मेरे देश के किसानों को मेरा नमन!

आप से राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा, भारत के अन्नदाता किसानों पर एक साल तक घोर अत्याचार हुआ। सैकड़ों किसानों की शहादत हुई। अन्नदाताओं को आतंकवादी कहकर अपमानित किया गया। इस पर प्रधानमंत्री मौन क्यों रहे? देश समझ रहा है कि चुनाव में हार के डर से तीनों कानून वापस हुए।

गौरतलब है कि पीएम ने शुक्रवार को कहा कि संसद के शीतकालीन सत्र में कानून वापस लेने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने किसानों से आंदोलन खत्म करने की अपील भी की है।

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