सोशल मीडिया का पावर ऐसा..बूढ़े दंपत्ति को मिला लाखों लोगों का प्यार, दिल्ली का 'बाबा का ढाबा' आखिर कैसे छा गया सबके दिलों में?
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सोशल मीडिया का पावर ऐसा..बूढ़े दंपत्ति को मिला लाखों लोगों का प्यार, दिल्ली का 'बाबा का ढाबा' आखिर कैसे छा गया सबके दिलों में?

'बाबा का ढाबा' नाम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें एक बुजुर्ग दंपति ढाबे पर ग्राहक ना आने की वजह से परेशान है। वहीं वीडियों में एक शख्श दोनों बुजुर्गों की मदद करने की अपील कर रहा है।

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'बाबा का ढाबा' नाम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें एक बुजुर्ग दंपति ढाबे पर ग्राहक ना आने की वजह से परेशान है। वहीं वीडियों में एक शख्श दोनों बुजुर्गों की मदद करने की अपील कर रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद नेताओं, बॉलीवुड स्टार्स से लेकर आम जनता तक 'बाबा का ढाबा' की मदद करने के लिए उतर आए। दिल्ली के मालवीय नगर में हनुमान मंदिर के पास 'बाबा का ढाबा' है। जहां बुजुर्ग कांता प्रसाद और उनकी पत्नी बादामी देवी इस ढाबे को चलाते हैं। वो ये काम सन 1988 से कर रहें हैं। दोनों की उम्र 80 से ज्यादा हो चुकी है। कांता प्रसाद ने बताया, हमारे बेटे और एक बेटी हैं, लेकिन कोई भी उनकी मदद नहीं करता। सारा काम वो खुद अपनी पत्नी के साथ मिलकर करते हैं।

उन्होंने बताया, सुबह 6-7 बजे दुकान लगाने पहुंच जाते हैं। साढ़े 9 बजे तक खाना बनकर तैयार हो जाता है। लेकिन ग्राहक ही नहीं आते। लॉकडाउन के पहले तो फिर भी लोग आते थे, लेकिन लॉकडाउन के बाद स्थिति बहुत ज्यादा खराब हो गई।

6 अक्टूबर को एक यूट्युबर ने इस ढाबे की एक पोस्ट अपलोड की जिसमें उसने दिखाया कि दोपहर तक दोनों बुजुर्ग मात्र 70 रुपये ही कमा सके। बुजुर्गों की आंखों में आंसू थे वो रोने लगे। वीडियो में बुजुर्ग कहते हुए नजर आ रहे हैं कि आधी किलो दाल भी पूरे दिन में नहीं बिक पाती, वहीं चावल और ढाबे की अन्य सब्जी भी ऐसे ही रखी रह जाती है। साथ ही इनकी लागत भी नहीं निकल पाती जिसकी वजह से इनका गुजारा करना मुश्किल हो गया है।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही लोग मदद के लिए आगे आने लगे। कई लोगों ने बुजुर्ग दंपति की बैंक डिटेल मांगी ताकि वो कुछ मदद कर सकें। अब इस ढाबे पर लोग भी आ रहे हैं।

'बाबा का ढाबा' का वीडियो सामने आने के बाद अब लोगों का तांता लग गया है। कुछ लोग खाना खाने आ रहे हैं, तो कुछ लोग फोटो खिंचाने। हालात ये है कि ढाबे के सामने जाम की स्थिति पैदा हो गई है।

कांता प्रसाद ने कहा, आज सुबह मैंने 6 बजे दुकान खोली और 9 बजे तक सारा खाना बिक गया, अब हम कल फिर से दुकान खोलेंगे। लोगों से इतना प्यार मिल रहा है, बहुत खुशी हो रही है, रात भर में हमारी जिंदगी बदल गई।

कांता प्रसाद के बड़े बेटे आजाद हिंद ने कहा, लॉकडाउन से पहले ऑफिस बॉय था, उसके बाद मेरी नौकरी चली गई, अभी मेरे पास कोई काम नहीं है। काम ढूंढ रहा हूं।

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