बसों पर रार: फिर आई प्रियंका की चिट्ठी, प्रशासन पर रोड़े अटकाने का आरोप, कहा- ‘हमारी बसें आगरा से आगे नहीं जाने दे रहे?'
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बसों पर रार: फिर आई प्रियंका की चिट्ठी, प्रशासन पर रोड़े अटकाने का आरोप, कहा- ‘हमारी बसें आगरा से आगे नहीं जाने दे रहे?'

सोमवार को शुरू हुआ लेटर वार हर घंटे नये रंग ले रहा है. बयानबाजी के दौर हैं. ताजा समाचार मिलने तक राजस्थान से सटी आगरा सीमा पर कांग्रेसियों का धरना शुरू हो गया है. उनका आरोप है कि उनकी बसों को बहाने बनाकर नोएडा की ओर नहीं जाने दिया जा रहा है.

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उत्तर प्रदेश में कई दशक से हाशिए पर चल रही कांग्रेस में जान फूंकने के लिए पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी की नई सक्रियता इस वक्त चर्च में है. लॉकडाउन में फंसे यूपी के मजदूरों की घर वापसी के लिए 1000 बसें चलाने की पेशकश कर प्रियंका गांधी ने सूबे के प्रमुख विपक्षी दल के प्रमुख नेताओं को भी पीछे छोड़ दिया है. इसे प्रियंका गांधी का एक और बड़ा सियासी दांव माना जा रहा है. इस लेकर राजनितिक गलियारों में खासी चर्चा है. प्रवासी मजदूरों के लिए बस संचालन को लेकर चले गये इस दांव के बाद प्रियंका गांधी और योगी आदित्यनाथ के बीच सियासी संग्राम सा छिड़ गया है. सोमवार को शुरू हुआ लेटर वार कुछ कुछ घंटों पर नये रंग ले रहा है. बयानबाजी के दौर भी चल रहे हैं. फिलहाल ताजा समाचार मिलने तक राजस्थान से सटी आगरा की सीमा पर कांग्रेसियों का धरना शुरू हो गया है. उनका आरोप है कि उनकी बसों को तरह तरह के बहाने बनाकर नोएडा की ओर नहीं जाने दिया जा रहा है.

इस बीच लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मजदूरों के लिए बस चलाने को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने योगी सरकार को एक बार फिर पत्र लिखा है. गृह सचिव को मंगलवार दोपहर लिखे गए इस पत्र में कहा गया है कि आगरा प्रशासन तीन घंटे से बसों को प्रवेश की अनुमित नहीं दे रहा है. उन्होंने अनुरोध किया कि राज्य में बसों को प्रवेश की अनुमति दी जाए.

इस बीच कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया है कि यूपी सरकार हमारे ट्रांसपोर्टरों को धमका रही है. उन्होंने कहा कि योगी सरकार के आरटीओ हमारे ट्रांसपोर्टरों को धमकी दे रहे हैं, जिन्होंने बसें उपलब्ध कराई हैं. उनको बाद में नतीजे भुगतने की धमकी दी जा रही है.

इससे पहले प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह ने अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी को पत्र लिखकर कहा था कि ज्यादा बसें होने के चलते उनकी परमिट लेने में कुछ समय लग रहा है, लेकिन शाम पांच बजे तक सभी बसें यूपी बॉर्डर पर पहुंच जाएंगी.

वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मीडिया सलाहकार ने दावा किया था प्रियंका के ऑफिस की तरफ से दी गई लिस्ट में कुछ नंबर मोटरसाइकिल, कार और तिपहिया वाहनों के हैं. यूपी सरकार में मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने भी फर्जी नम्बर देने के आरोप लगाये थे.

हालाँकि इस बीच यूपी सरकार के गृह विभाग ने प्रियंका गांधी वाड्रा के सचिव को लिखे खत में कहा कि 500 बसें गाजियाबाद के साहिबाबाद में और 500 बसें नोएडा में उपलब्ध करा दीजिए. सभी बसों को दोनों जिलों के जिलाधिकारी रिसीव करेंगे.

बताते चलें कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने 16 मई को ट्वीट कर कहा था कि हजारों श्रमिक, प्रवासी भाई-बहन बिना खाए भूखे-प्यासे पैदल दुनिया भर की मुसीबतों को उठाते हुए अपने घरों की ओर चल रहे हैं. यूपी के हर बॉर्डर पर बहुत मजदूर मौजूद हैं. ऐसे में प्रिंयका ने प्रवासी श्रमिकों के लिए 1000 बसें भेजने के लिए प्रदेश सरकार से अनुमति मांगी थी. पहले योगी सरकार ने इस मांग को ठुकरा दिया था, लेकिन बाद में स्वीकार कर लिया. इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार के प्रशासन ने प्रियंका के कार्यालय से 1000 बसों और चालकों के विवरण की मांग की थी.

फिलहाल मामला आगरा सीमा पर लटका हुआ है.

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