ग्वादर में बुनियादी सुविधाओं और रोजगार की मांग को लेकर हजारों लोगों ने किया प्रदर्शन

पाकिस्तान में बलूचिस्तान प्रांत के ग्वादर और तुर्बत के विभिन्न इलाकों के हजारों लोगों ने बुनियादी सुविधाओं की अनुपलब्धता और पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा सुविधाओं की कमी तथा बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
ग्वादर में बुनियादी सुविधाओं और रोजगार की मांग को लेकर हजारों लोगों ने किया प्रदर्शन

पाकिस्तान में बलूचिस्तान प्रांत के ग्वादर और तुर्बत के विभिन्न इलाकों के हजारों लोगों ने बुनियादी सुविधाओं की अनुपलब्धता और पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा सुविधाओं की कमी तथा बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। पाकिस्तानी दैनिक अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, ग्वादर और मकरान संभाग के अन्य क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जी रहे लोगों और बेरोजगारों ने प्रदर्शन किया है।

जमात-ए-इस्लामी के बलूचिस्तान चैप्टर के पदाधिकारी मौलाना हिदायत-उर-रहमान बलूच ने गुरुवार को ग्वादर में विरोध जुलूस का नेतृत्व किया। बाद में यह शुहादा जवानी चौक पर एक बड़ी जनसभा में बदल गया।

रिपोर्ट के अनुसार, इस अवसर पर बोलते हुए, मौलाना बलूच ने सरकार और संबंधित अधिकारियों की कड़ी आलोचना की और कहा कि पिछले 70 वर्षों में लगातार सरकारें मकरान और ग्वादर के लोगों के बुनियादी मुद्दों को हल करने में विफल रही हैं।

उन्होंने कहा, हम ग्वादर और तुर्बत के लोगों के बुनियादी अधिकारों की मांग कर रहे हैं, जिन्हें शासकों ने हड़प लिया है और लोग पीने के पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं से भी वंचित हैं। चूंकि सरकार ने मकरान तट पर बड़े ट्रॉलरों को मछली पकड़ने की अनुमति दी है, इसलिए अब स्थानीय मछुआरे भी अपनी आजीविका कमाने में सक्षम नहीं रह गए हैं।

जमात नेता ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान करना राष्ट्र की जिम्मेदारी है, लेकिन वह पिछले 70 साल से अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहा है।

जमात नेता ने आगे कहा, मैं ग्वादर और मकरान के लोगों के खिलाफ हो रहे अत्याचार और अन्याय के खिलाफ जिहाद की घोषणा करता हूं।

उन्होंने कहा कि ग्वादर बंदरगाह बनने के बाद भी क्षेत्र के लोग बेरोजगार हैं और सरकार ने उन्हें रोजगार देने के लिए कुछ नहीं किया है।

डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि ग्वादर और केच जिलों के दूर-दराज के इलाकों से हजारों लोग यहां आए हैं और वे अब सरकार की ओर से उनके रोजगार, पेयजल और शिक्षा के बुनियादी अधिकारों का प्रावधान सुनिश्चित कराने के लिए मजबूरन सड़कों पर उतर आए हैं।

Keep up with what Is Happening!

Related Stories

No stories found.
Best hindi news platform for youth. हिंदी ख़बरों की सबसे तेज़ वेब्साईट
www.yoyocial.news