रायपुर में तीन दिनी राष्ट्रीय जनजातीय साहित्य महोत्सव आज से, देश भर के जनजातीय साहित्यकार होंगे शामिल

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मंगलवार (19 अप्रैल) से तीन दिवसीय राष्ट्रीय जनजातीय साहित्य महोत्सव शुरू हो रहा है। इस महोत्सव में देश भर के जनजातीय साहित्यकार शामिल होंगे।
रायपुर में तीन दिनी राष्ट्रीय जनजातीय साहित्य महोत्सव आज से, देश भर के जनजातीय साहित्यकार होंगे शामिल

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मंगलवार (19 अप्रैल) से तीन दिवसीय राष्ट्रीय जनजातीय साहित्य महोत्सव शुरू हो रहा है। इस महोत्सव में देश भर के जनजातीय साहित्यकार शामिल होंगे।

आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने बताया है कि यह आयोजन देश भर में पारंपरिक एवं समकालीन साहित्य का परिचय और आधुनिक संदर्भ में उनके विकास की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है।

साथ ही, छत्तीसगढ़ राज्य में जनजातीय साहित्य के क्षेत्र में कार्य कर रही शोधाकर्ताओं, साहित्यकारों, रचनाकारों को मंच प्रदान कर जनजातीय साहित्य के संरक्षण के लिए प्रेरित करना है।

इस राष्ट्रीय जनजातीय साहित्य महोत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मंगलवार को पंडित दीनदयाल ऑडीटोरिमय में करेंगे। वहीं 21 अप्रैल को समापन समारोह के मौके पर राज्यपाल अनुसुईया उइके मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगी।

इस साहित्य महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों से जनजातीय विषयों पर लिखने वाले जनजातीय साहित्यकार, रचनाकार, शोधाकर्ता और विषयों के ज्ञाता हिस्सा लेंगे और 80 से ज्यादा शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे।

तीन दिवसीय महोत्सव में ऑडीटोरियम परिसर में छत्तीसगढ़ में निर्मित विभिन्न जनजातीय हस्तशिल्प कलाओं के 30 स्टॉल लगाए जाएंगे। वन विभाग द्वारा संजीवनी, वन औषधि स्टॉल के साथ-साथ जनजातीय चित्रकला की प्रदर्शनी, आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की प्रदर्शनी, अंत्यावसायी निगम की विभागीय योजनाओं का प्रदर्शनी आदि के स्टॉल भी लगाए जाएंगे।

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