असम: गलत पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने के मामले में तीन डॉक्टर व वरिष्ठ पुलिस अधिकारी गिरफ्तार

सीआईडी की तरफ से मंगलवार को जारी की गई जानकारी के मुताबिक हत्या के एक मामले में गलत पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने के आरोप में डॉ. अरुण चंद्र डेका, डॉ. अजंता बोरदोलोई और डॉ. अनुपम शर्मा को गिरफ्तार किया गया है।
असम: गलत पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने के मामले में तीन डॉक्टर व वरिष्ठ पुलिस अधिकारी गिरफ्तार

गलत पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने के आरोप में तीन डॉक्टर और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया गया है। चिकित्सकों पर फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने का आरोप है। जबकि पुलिस अधिकारी पर हत्याकांड पर पर्दा डालने का आरोप है।

सीआईडी की तरफ से मंगलवार को जारी की गई जानकारी के मुताबिक हत्या के एक मामले में गलत पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने के आरोप में डॉ. अरुण चंद्र डेका, डॉ. अजंता बोरदोलोई और डॉ. अनुपम शर्मा को गिरफ्तार किया गया है।

धूला पुलिस थाना में केस नंबर 114/2022 की धारा 354/354 (ए)/201/511, 376 और पास्को एक्ट की धारा 9(पी)/10 दर्ज प्राथमिकी के आधार पर तीनों को गिरफ्तार किया गया।

एक शव के पोस्टमॉर्टम के दौरान आरोपित चिकित्सकों द्वारा की कई विसंगतियों की जांच कर रहे सीआईडी अधिकारियों को अहम तथ्य मिले हैं। जांचकर्ताओं को इस बात के सबूत मिले हैं कि आरोपित डॉक्टरों ने फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सौंपी थी।

अदालत की अनुमति पर शव को कब्र से निकालकर गुवाहाटी मेडिकल कालेज एंड अस्पताल (जीएमसीएच) में दूसरी बार पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें खोपड़ी व गर्दन पर स्पष्ट रूप से हमले के तथ्य पाये गये। पहली बार किए गए पोस्टमार्टम में इसका उल्लेख नहीं किया गया था।

इसके अलावा एम्स, नेग्रिम्स और जीएमसीएच (गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल) के फॉरेंसिक मेडिसिन विशेषज्ञों ने स्पष्ट रूप से निष्कर्ष निकाला है कि चोटों से गला घोंटने का खतरा अधिक है। शरीर पर चोट के निशान भारी हथियारों की चपेट में आने और गला दबाकर हत्या करने के कारण हैं। संबंधित व्यक्ति ने आत्महत्या नहीं की।

पहले पोस्टमार्टम के दौरान आरोपित डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम के दौरान वीडियोग्राफी नहीं की और पोस्टमार्टम के उचित तरीकों का पालन नहीं किया।

सीआईडी सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि दरंग जिला के निलंबित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रूपम फुकन को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। आरती तुरी हत्याकांड पर पर्दा डालने के आरोप में रूपम फुकन को लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया है।

इसी मामले में कुछ दिन पहले थाना प्रभारी उत्पल बोरा को गिरफ्तार किया गया था। उत्पल बोरा धूला थाना के प्रभारी अधिकारी थे। सीआईडी सूत्रों ने बताया है कि तत्कालीन थाना प्रभारी उत्पल बोरा 5 लाख रुपये में मैनेज हुए थे। उत्पल बोरा के कबूलनामे के आधार पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रूपम फुकन से पूछताछ की गई।

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